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RJD की रितु जायसवाल ने BJP जॉइन कर बिहार राजनीति में मचाया तूफान

बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी बदलाव देखने को मिल रहा है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की पूर्व महिला प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष और तेज-तर्रार नेता रितु जायसवाल ने अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामने का फैसला कर लिया है। वह आगामी 26 मई को पटना स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय के अटल सभागार में आयोजित विशेष कार्यक्रम में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण करेंगी। इस घोषणा के साथ ही बिहार के सीमांचल और तिरहुत क्षेत्र की राजनीतिक समीकरणों में बड़े बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं। रितु जायसवाल ने खुद सोशल मीडिया के माध्यम से इस निर्णय की जानकारी अपने समर्थकों तक पहुंचाई है।

सादगी के साथ होगा जॉइनिंग कार्यक्रम, समर्थकों से की खास अपील

रितु जायसवाल ने अपने बीजेपी जॉइनिंग कार्यक्रम को पूरी तरह सादगीपूर्ण रखने का निर्णय लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि कार्यक्रम दोपहर 12:19 बजे से 1:09 बजे के बीच आयोजित होगा, जिसमें भाजपा के वरिष्ठ नेता उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाएंगे। उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की है कि किसी भी तरह का शक्ति प्रदर्शन या भारी भीड़ न जुटाई जाए क्योंकि वर्तमान समय देश के लिए चुनौतीपूर्ण है। रितु ने कहा कि यह कदम पूरी गरिमा और जिम्मेदारी के साथ उठाया जा रहा है और इसमें अनावश्यक दिखावे की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उनका यह रुख अन्य राजनीतिक जॉइनिंग कार्यक्रमों से बिल्कुल अलग माना जा रहा है।

RJD की रितु जायसवाल ने BJP जॉइन कर बिहार राजनीति में मचाया तूफान

ईंधन बचाने का संदेश और प्रधानमंत्री मोदी का उल्लेख

अपने संदेश में रितु जायसवाल ने पर्यावरण और ईंधन बचत का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी देश में ऊर्जा संरक्षण पर लगातार जोर देते हैं, इसलिए उनके समर्थकों को भी इस जिम्मेदारी को समझना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि जो लोग पटना नहीं आ सकते वे वहीं से अपना समर्थन दें और जो आना चाहें वे निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन या कारपूलिंग का इस्तेमाल करें। उनका यह संदेश राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि आमतौर पर ऐसे कार्यक्रमों में बड़े पैमाने पर भीड़ और काफिले देखने को मिलते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने इससे अलग रास्ता चुना है।

RJD से बगावत और BJP के लिए नए राजनीतिक समीकरण

रितु जायसवाल का RJD से अलग होना कोई अचानक घटना नहीं है, बल्कि इसका राजनीतिक आधार पहले से तैयार माना जा रहा था। वह 2020 विधानसभा चुनाव में बेहद कम अंतर से हार गई थीं और बाद में उन्हें पार्टी महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। लेकिन 2025 चुनाव से पहले टिकट कटने के बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़कर 60 हजार से अधिक वोट हासिल किए, जिससे RJD को बड़ा झटका लगा था। इसके बाद उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि BJP उनके जरिए वैश्य समाज और स्थानीय महिला वोट बैंक को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। आने वाले समय में उन्हें संगठन या चुनावी राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।

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