बिहार पुलिस एनकाउंटर के बाद सियासी घमासान तेज, सरकार पर विपक्ष का हमला

बिहार के सिवान में हुए हर्ष सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपी सोनू यादव के पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने के बाद राज्य की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। पुलिस की इस कार्रवाई को जहां एक तरफ अपराध के खिलाफ सख्त संदेश बताया जा रहा है वहीं दूसरी तरफ इसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की जा रही है।
घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए जरूरी थी। वहीं राजनीतिक हलकों में इसे कानून व्यवस्था की मजबूती के तौर पर भी पेश किया जा रहा है।
राजनीतिक परिवार से जुड़ा मामला
यह पूरा मामला 29 अप्रैल को हुए उस हत्याकांड से जुड़ा है जिसमें बीजेपी के पूर्व एमएलसी मनोज सिंह के भांजे हर्ष सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना उस समय हुई जब हर्ष सिंह अपने पिता के साथ मौजूद थे और एक मामूली विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। गाड़ी टकराने को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने फायरिंग कर दी जिसमें हर्ष सिंह की मौके पर ही मौत हो गई और उनके पिता गंभीर रूप से घायल हो गए।

यह मामला राजनीतिक रूप से भी बेहद संवेदनशील बन गया क्योंकि पीड़ित परिवार का सीधा संबंध बीजेपी से है। इसी कारण घटना के बाद से ही पुलिस पर त्वरित कार्रवाई का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था।
सोनू यादव एनकाउंटर पर पुलिस का दावा और सियासी प्रतिक्रियाएं तेज
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी सोनू यादव को हुसैनगंज के सरेया गांव में रविवार सुबह हुई मुठभेड़ में मार गिराया गया। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था और उसके खिलाफ 10 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई एक सुनियोजित ऑपरेशन का हिस्सा थी जिसमें अपराधियों को घेरकर जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।
हालांकि इस एनकाउंटर को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। कुछ दलों ने इसे लेकर सवाल उठाए हैं कि क्या न्यायिक प्रक्रिया की बजाय मुठभेड़ का रास्ता अपनाना सही है। वहीं सत्तापक्ष इसे अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश बता रहा है।
जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर
इस पूरे मामले में पुलिस ने एक कार बरामद की है जो घटना में इस्तेमाल की गई थी और एक आरोपी सुनील यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं अन्य आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है। पुलिस का कहना है कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक पूरे नेटवर्क को खत्म नहीं कर दिया जाता।
