नोएडा से एयरपोर्ट का सफर होगा आसान, दिल्ली मेट्रो बना रही है 800 मीटर लंबा सबसे बड़ा सबवे

दिल्ली मेट्रो एक ऐसा प्रोजेक्ट लेकर आ रही है जो लाखों यात्रियों के रोजाना सफर को पहले से कहीं अधिक आसान और सुविधाजनक बना सकता है। फेज-5A के तहत विकसित किए जा रहे सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर पर दिल्ली का सबसे लंबा 800 मीटर का सबवे बनाया जाएगा, जो शिवाजी स्टेडियम और राजीव चौक मेट्रो स्टेशन को सीधे जोड़ेगा।
इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ उन यात्रियों को मिलेगा जो नोएडा, वैशाली, आनंद विहार और पूर्वी दिल्ली से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक मेट्रो के जरिए यात्रा करते हैं।
एयरपोर्ट पहुंचने का रास्ता होगा आसान
वर्तमान में एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन का हिस्सा शिवाजी स्टेडियम स्टेशन सीधे राजीव चौक से जुड़ा नहीं है। ऐसे में ब्लू लाइन से आने वाले यात्रियों को कई बार इंटरचेंज करना पड़ता है।
नए सबवे के निर्माण के बाद यात्री राजीव चौक से सीधे शिवाजी स्टेडियम स्टेशन तक पहुंच सकेंगे और वहां से एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पकड़कर टर्मिनल-2 और टर्मिनल-3 तक आसानी से जा सकेंगे। इससे यात्रा का समय और असुविधा दोनों कम होंगे।
ट्रैवलेटर से मिलेगा एयरपोर्ट जैसा अनुभव
इस सबवे की सबसे खास विशेषता इसमें लगने वाले आधुनिक ट्रैवलेटर होंगे। ये चलायमान वॉकवे यात्रियों को लंबी दूरी पैदल तय करने की परेशानी से बचाएंगे।
विशेष रूप से बुजुर्गों, दिव्यांग यात्रियों, बच्चों और भारी सामान के साथ यात्रा करने वाले लोगों को इसका बड़ा लाभ मिलेगा। एयरपोर्ट जैसी सुविधा के साथ वे आराम से एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक पहुंच सकेंगे।
राजीव चौक की भीड़ होगी कम
दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में राजीव चौक सबसे व्यस्त स्टेशनों में से एक है। यहां रोजाना लाखों यात्री इंटरचेंज के लिए आते हैं, जिससे कई बार भारी भीड़ की स्थिति बन जाती है।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) का मानना है कि नया सबवे और सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर यात्रियों के प्रवाह को बेहतर तरीके से वितरित करेगा। इससे राजीव चौक स्टेशन पर भीड़ का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
2029 तक तैयार होगा नया कॉरिडोर
करीब 9.9 किलोमीटर लंबे आरके आश्रम-इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर को पूरी तरह भूमिगत बनाया जा रहा है। इस कॉरिडोर पर कुल नौ आधुनिक मेट्रो स्टेशन विकसित किए जाएंगे।
परियोजना को वर्ष 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सभी स्टेशनों को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया जा रहा है ताकि छह कोच वाली मेट्रो ट्रेनों का संचालन सुचारू रूप से किया जा सके।
चार बड़े इंटरचेंज स्टेशनों से बढ़ेगी कनेक्टिविटी
इस कॉरिडोर की एक और बड़ी खासियत इसकी इंटरचेंज सुविधा है। शिवाजी स्टेडियम स्टेशन एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन से जुड़ेगा, जबकि केंद्रीय सचिवालय स्टेशन येलो और वायलेट लाइन के साथ कनेक्टिविटी देगा।
इंद्रप्रस्थ और आरके आश्रम स्टेशन ब्लू लाइन से जुड़े होंगे। इससे दिल्ली के विभिन्न हिस्सों और एनसीआर के शहरों के बीच यात्रा पहले से अधिक सहज हो जाएगी।
दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन में नया अध्याय
दिल्ली मेट्रो का यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट केवल एक सबवे निर्माण तक सीमित नहीं है। यह राजधानी के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को अधिक स्मार्ट, तेज और यात्री-केंद्रित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
जब यह परियोजना पूरी होगी, तब नोएडा, वैशाली, आनंद विहार और पूर्वी दिल्ली के लाखों यात्रियों के लिए एयरपोर्ट तक पहुंचना न केवल आसान होगा, बल्कि समय और ऊर्जा दोनों की बचत भी होगी। यही आधुनिक शहरी परिवहन की असली पहचान है।
