₹370 की बिरयानी विवाद में बढ़ीं प्रणित मोरे-हिमांशु जांगड़ा की मुश्किलें, NCW ने भेजा समन

स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे और वेब डेवलपर हिमांशु जांगड़ा की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं। ‘₹370 की बिरयानी’ वाले विवादित बयान का मामला राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) तक पहुंच गया है। आयोग ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए दोनों को तलब किया है और हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
विवाद गुरुग्राम में आयोजित एक स्टैंड-अप कॉमेडी शो के दौरान सामने आया था। शो में हिमांशु जांगड़ा ने एक लड़की से मुलाकात का किस्सा सुनाते हुए कहा था कि उन्होंने उसके साथ बिरयानी खाने पर 370 रुपये खर्च किए थे। इसके बाद उन्होंने कथित तौर पर खर्च की भरपाई के लिए लड़की से शारीरिक संबंध बनाने का प्रस्ताव रखने की बात कही। इस टिप्पणी पर मंच पर मौजूद कॉमेडियन प्रणित मोरे को हंसते हुए देखा गया था। कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इसे लेकर व्यापक आलोचना शुरू हो गई।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस घटना को महिलाओं की गरिमा और सहमति के अधिकार के खिलाफ बताते हुए गंभीर चिंता जताई है। आयोग का कहना है कि महिलाओं के प्रति यौन उत्पीड़न या उनकी इच्छा के विरुद्ध संबंध बनाने जैसी हरकतों को मजाक या मनोरंजन के रूप में पेश करना समाज में गलत संदेश देता है और ऐसे मामलों को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने हरियाणा के डीजीपी को पत्र लिखकर मामले में त्वरित, सख्त और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। आयोग ने सात दिनों के भीतर विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) भी मांगी है। इसमें एफआईआर की स्थिति, वायरल वीडियो की जांच, आरोपियों के खिलाफ की गई कार्रवाई और कार्यक्रम आयोजकों व वेन्यू प्रबंधन की भूमिका से संबंधित जानकारी शामिल करने को कहा गया है।
आयोग ने प्रणित मोरे और हिमांशु जांगड़ा को 22 जून को शाम 4 बजे उसके समक्ष पेश होने का निर्देश दिया है। विवाद बढ़ने के बाद दोनों ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है, जबकि जांगड़ा ने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट भी डीएक्टिवेट कर दिया। इसके अलावा, एक निजी कंपनी ने भी विवादित टिप्पणी के चलते उन्हें नौकरी से निकाल दिया है। फिलहाल इस मामले पर राष्ट्रीय महिला आयोग की नजर बनी हुई है।