
पंजाब की राजनीति में गुरुवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला जब भारतीय जनता पार्टी ने केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब भाजपा का नया प्रधान नियुक्त कर दिया। पार्टी हाईकमान ने उनके नाम पर अंतिम मुहर लगाते हुए संगठन में बड़े बदलाव का संकेत दिया है। लंबे समय से पंजाब भाजपा में नए नेतृत्व को लेकर चर्चाएं चल रही थीं और अब पार्टी ने जाट सिख चेहरे पर भरोसा जताकर नई रणनीति साफ कर दी है। केवल सिंह ढिल्लों को पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह का करीबी माना जाता है और उनका पंजाब की राजनीति में अच्छा प्रभाव माना जाता है। भाजपा का यह फैसला ऐसे समय आया है जब पार्टी पंजाब में अपनी पकड़ मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटी हुई है। राजनीतिक हलकों में इस नियुक्ति को भाजपा की बड़ी चुनावी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
सुनील जाखड़ का कार्यकाल खत्म. लेकिन भूमिका रहेगी अहम
मौजूदा पंजाब भाजपा प्रधान सुनील जाखड़ का तीन साल का कार्यकाल जुलाई महीने में समाप्त हो रहा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक नेतृत्व परिवर्तन पहले से तय माना जा रहा था और संगठन में नई ऊर्जा लाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है। हालांकि सुनील जाखड़ को पूरी तरह किनारे नहीं किया गया है। जानकारी के अनुसार वह 2027 के विधानसभा चुनावों में भाजपा के प्रचार अभियान में अहम भूमिका निभाते रहेंगे। भाजपा नेतृत्व मानता है कि जाखड़ का अनुभव और उनकी राजनीतिक पकड़ पार्टी के लिए अब भी काफी महत्वपूर्ण है। पंजाब में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए सुनील जाखड़ को पार्टी ने बड़ी जिम्मेदारी दी थी और उनके नेतृत्व में भाजपा ने कई नए राजनीतिक समीकरण बनाने की कोशिश की। अब केवल सिंह ढिल्लों की नियुक्ति के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी पंजाब में अपने संगठन को किस तरह आगे बढ़ाती है।

सिख चेहरे पर भाजपा का बड़ा दांव. तरुण चुघ की पैरवी आई काम
सूत्रों के मुताबिक भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ लंबे समय से पंजाब में किसी मजबूत सिख चेहरे को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की पैरवी कर रहे थे। पार्टी का मानना है कि पंजाब की राजनीति में सिख समुदाय की भूमिका बेहद अहम है और बिना मजबूत सिख नेतृत्व के राज्य में राजनीतिक विस्तार आसान नहीं होगा। ऐसे में केवल सिंह ढिल्लों की नियुक्ति को भाजपा की रणनीतिक चाल माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि भाजपा अब पंजाब में अपनी छवि बदलने और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच मजबूत करने की कोशिश कर रही है। जाट सिख नेता के तौर पर केवल सिंह ढिल्लों की पहचान भाजपा के लिए नए सामाजिक समीकरण तैयार कर सकती है। पार्टी को उम्मीद है कि इससे सिख समुदाय के बीच भाजपा की स्वीकार्यता बढ़ेगी और आने वाले चुनावों में संगठन को फायदा मिलेगा।
2027 चुनावों से पहले बीजेपी की नई रणनीति ने बढ़ाई हलचल
पंजाब में 2027 विधानसभा चुनावों को लेकर अभी से राजनीतिक माहौल गर्म होने लगा है। भाजपा ने केवल सिंह ढिल्लों को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर यह साफ संकेत दे दिया है कि पार्टी अब पंजाब में आक्रामक रणनीति के साथ आगे बढ़ना चाहती है। भाजपा का फोकस सिर्फ शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहकर अब ग्रामीण और सिख बहुल इलाकों तक पहुंच बनाने पर है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि पार्टी आने वाले दिनों में पंजाब में बड़े संगठनात्मक बदलाव और नए अभियान शुरू कर सकती है। वहीं विपक्ष भी भाजपा के इस कदम पर नजर बनाए हुए है। केवल सिंह ढिल्लों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती पार्टी को मजबूत करना और राज्य में भाजपा का जनाधार बढ़ाना होगा। आने वाले समय में उनकी राजनीतिक शैली और संगठन पर पकड़ पंजाब भाजपा की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।
