
नांदेड़ के गुरुद्वारा साहिब में सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब शिरोमणि अकाली दल नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने इस घटना को दिसंबर 2024 के हमले से जोड़ते हुए दोनों मामलों की NIA जांच की मांग की है।
नांदेड़ हमले के बाद उठी NIA जांच की मांग
शिरोमणि अकाली दल नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने सुखबीर सिंह बादल पर नांदेड़ के तख्त श्री हजूर साहिब परिसर में हुए हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA से कराने की मांग की है।
गुरुवार को हुए हमले में बादल को हाथ में चोट लगी थी। सुरक्षा कर्मियों ने हमलावर को तुरंत काबू कर लिया। बादल का इलाज कराया गया और शुक्रवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी भी मिल गई।
Z-प्लस सुरक्षा के बावजूद कैसे पहुंचा हमलावर?
मजीठिया ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सवाल उठाया कि Z-प्लस सुरक्षा प्राप्त नेता तक हमलावर आखिर इतनी आसानी से कैसे पहुंच गया। उनके मुताबिक यह सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था की खामी का मामला नहीं, बल्कि इंटेलिजेंस इनपुट और खतरे के आकलन से जुड़े सवाल भी खड़े करता है।
नांदेड़ घटना के दौरान हमलावर के पास धारदार हथियार था और सुरक्षा कर्मियों की तत्परता से बड़ा नुकसान टल गया। पुलिस ने हमलावर को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।

2024 के हमले से जोड़कर जांच की मांग
मजीठिया ने दिसंबर 2024 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर परिसर में सुखबीर बादल पर हुए जानलेवा हमले का भी जिक्र किया। उनका कहना है कि दोनों घटनाओं की एक साथ जांच होने से संभावित साजिश, नेटवर्क और हमलों के पीछे के मकसद को समझने में मदद मिल सकती है।
2024 की घटना में भी सुखबीर बादल पर गोली चलाने की कोशिश हुई थी। नांदेड़ की घटना के बाद दोनों हमलों के बीच समानताओं को लेकर राजनीतिक चर्चा फिर तेज हो गई है।
सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल
मजीठिया ने सवाल किया कि अगर हमलावर कथित तौर पर गुरुद्वारे में सेवादार के रूप में मौजूद था, तो सुरक्षा एजेंसियों को उसके बारे में जानकारी क्यों नहीं मिली। उन्होंने यह भी पूछा कि उपलब्ध इंटेलिजेंस इनपुट का इस्तेमाल किस स्तर पर किया गया और खतरे का सही आकलन क्यों नहीं हो पाया।
हालांकि, इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे। अभी तक अधिकारियों ने किसी बड़े आतंकी या विदेशी नेटवर्क से हमले के संबंध की पुष्टि नहीं की है। हमले का मकसद भी जांच का विषय बना हुआ है।
मजीठिया ने जताई बड़ी साजिश की आशंका
SAD नेता ने आशंका जताई कि हमले के पीछे किसी बड़े नेटवर्क या साजिश की संभावना से इनकार नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से मांग की कि मामले को NIA को सौंपकर हमले के पीछे की पूरी कड़ी की जांच कराई जाए।
उनका कहना है कि जांच में हमलावर का मकसद, संभावित सहयोगी, नेटवर्क और सुरक्षा में हुई चूक—सभी पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए।
राजनीतिक नेताओं और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा का सवाल
मजीठिया ने इस घटना को केवल सुखबीर बादल की व्यक्तिगत सुरक्षा से जोड़कर नहीं देखने की बात कही। उनके मुताबिक मामला राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा के साथ-साथ धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और पवित्रता से भी जुड़ा है।
नांदेड़ हमले के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए थे।
जांच से सामने आएगी असली तस्वीर
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और हमले के पीछे की वजह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है। सुखबीर बादल अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भी घटना को लेकर दृढ़ नजर आए और कहा कि वह डरने वाले नहीं हैं।
अब सवाल यह है कि क्या जांच किसी बड़ी साजिश या सुरक्षा चूक की पुष्टि करती है। मजीठिया की NIA जांच की मांग ने इस मामले को नई राजनीतिक दिशा जरूर दे दी है, लेकिन असली जवाब जांच एजेंसियों की रिपोर्ट से ही सामने आएगा।