राजनीतिराज्य

हरियाणा में बढ़ेगा गन्ने का रेट? कृषि मंत्री ने किसानों के हित में दिया बड़ा बयान

हरियाणा में गन्ने के दाम को लेकर किसानों की मांग के बीच कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा के बयान ने नई उम्मीद जगा दी है। मंत्री ने माना कि गन्ने का रेट बढ़ना चाहिए, क्योंकि लगातार घटते रकबे ने खेती की लाभप्रदता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

‘गन्ने का रेट निश्चित तौर पर बढ़ना चाहिए’

हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने गन्ने के मूल्य को लेकर बड़ा बयान दिया है। रादौर में विकास कार्यों के शिलान्यास कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि गन्ने का रेट निश्चित तौर पर बढ़ना चाहिए।

मंत्री ने कहा कि प्रदेश में गन्ने की खेती का रकबा लगातार कम हो रहा है। ऐसे में किसानों के हित में इस फसल को आर्थिक रूप से लाभकारी बनाना जरूरी है।

किसानों की मांग 600 रुपये प्रति क्विंटल

गन्ने के मौजूदा राज्य सलाहकार मूल्य यानी SAP 415 रुपये प्रति क्विंटल है। किसान संगठन इसे बढ़ाकर 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग कर रहे हैं।

भारतीय किसान यूनियन और गन्ना किसान संघर्ष समिति इस मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बना रही हैं। किसानों का तर्क है कि खेती की बढ़ती लागत के बीच मौजूदा कीमत उनके लिए पर्याप्त नहीं है।

हरियाणा में बढ़ेगा गन्ने का रेट? कृषि मंत्री ने किसानों के हित में दिया बड़ा बयान

रादौर और नारायणगढ़ में किसान पंचायत

गन्ने के दाम और किसानों के भुगतान से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए किसान संगठनों ने पंचायतों का कार्यक्रम भी तय किया है।

तीन सितंबर को रादौर में किसान पंचायत आयोजित की जाएगी, जबकि 7 सितंबर को नारायणगढ़ चीनी मिल में किसान जुटेंगे। इन बैठकों में गन्ने के मूल्य के साथ किसानों को भुगतान में हो रही कथित देरी का मुद्दा भी उठाया जाएगा।

विधानसभा में धक्का-मुक्की पर भी बोले मंत्री

श्याम सिंह राणा ने विधानसभा सत्र में कांग्रेस नेताओं के हंगामे और धक्का-मुक्की की घटना पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे अनुचित बताया।

मंत्री के मुताबिक, विधानसभा में कानून-व्यवस्था बनाए रखना अधिकारियों की जिम्मेदारी है और सभी जनप्रतिनिधियों को सदन के नियमों का पालन करना चाहिए। लोकतांत्रिक संस्थाओं में मर्यादा बनाए रखना जरूरी है।

रादौर के विकास पर सरकार का फोकस

रादौर क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर मंत्री ने कहा कि सरकार लगातार गति देने के लिए गंभीरता से काम कर रही है। उनका कहना है कि लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने क्षेत्र में होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों और पार्टी संगठन से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी भी साझा की।

अब फैसले पर किसानों की नजर

गन्ने के रेट पर मंत्री का बयान ऐसे समय आया है जब किसान संगठन 600 रुपये प्रति क्विंटल SAP की मांग को लेकर आंदोलन का दबाव बढ़ा रहे हैं। मंत्री ने मूल्य बढ़ाने की जरूरत को स्वीकार किया है, लेकिन अंतिम रेट क्या होगा, यह सरकार के फैसले पर निर्भर करेगा।

अब किसानों की नजर आने वाली किसान पंचायतों और सरकार की अगली घोषणा पर है। अगर गन्ने का मूल्य बढ़ता है, तो यह न केवल किसानों की आय के लिए राहत होगी, बल्कि घटते गन्ना रकबे को रोकने की दिशा में भी अहम कदम साबित हो सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button