जमुई एनकाउंटर पर जीतन राम मांझी का तेजस्वी यादव पर हमला, बोले- ‘सम्राट का सुशासन’

जमुई में नाबालिग छात्रा से कथित बदसलूकी के मामले में मुख्य आरोपी नंदन यादव के पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद बिहार की सियासत गरमा गई है। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कार्रवाई को लेकर तेजस्वी यादव पर निशाना साधा और अपने बयान से राजनीतिक बहस तेज कर दी।
जमुई मामले में पुलिस की कार्रवाई
जमुई में 19 सितंबर को दो नाबालिग छात्रों के साथ कथित बदसलूकी और मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। पुलिस के मुताबिक, वीडियो सामने आने के बाद मामला दर्ज किया गया और आरोपियों की पहचान शुरू हुई। अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। मामले की जांच के लिए SIT भी गठित की गई है।
मंगलवार को मुख्य आरोपी बताए जा रहे नंदन यादव के पैर में गोली लगी। पुलिस कार्रवाई के दौरान एक अन्य आरोपी हरेराम यादव के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
मांझी ने तेजस्वी पर साधा निशाना
इस घटनाक्रम के बाद केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के संरक्षक जीतन राम मांझी ने तेजस्वी यादव पर राजनीतिक हमला किया। मांझी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में तेजस्वी के उस राजनीतिक संदर्भ को लेकर तंज कसा, जिसमें वे यादव समाज को अपना भाई बताते रहे हैं।
मांझी ने आरोप लगाया कि जमुई मामले में शामिल कुछ आरोपी यादव समुदाय से हैं और इसी आधार पर उन्होंने तेजस्वी को अपने समर्थकों को सचेत करने की नसीहत दी। यह मांझी की राजनीतिक टिप्पणी और आरोप हैं।

‘हम बोलते नहीं, करके दिखलाते हैं’
मांझी ने अपने पोस्ट में लिखा कि “हम बोलते नहीं, करके दिखलाते हैं।” इसके बाद उन्होंने जमुई की पुलिस कार्रवाई का जिक्र करते हुए तेजस्वी पर निशाना साधा।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर तेजस्वी यह सवाल उठाते हैं कि उनके “भाई” के साथ ऐसा क्यों हुआ, तो सरकार कानून के मुताबिक कार्रवाई करेगी। मांझी ने अपने बयान के अंत में इसे “सम्राट का सुशासन” बताया।
तेजस्वी पहले सरकार को घेर चुके हैं
जमुई की घटना सामने आने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और RJD की ओर से बिहार सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए गए थे। विपक्ष ने घटना को लेकर सरकार को घेरा, जबकि सत्ता पक्ष की ओर से दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया गया।
इस राजनीतिक बयानबाजी के बीच पुलिस की कार्रवाई ने विवाद को और चर्चा में ला दिया है।
वायरल वीडियो मामले में जांच जारी
पुलिस की जांच केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। वायरल वीडियो के प्रसार को लेकर भी कार्रवाई की जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने ऐसे सोशल मीडिया प्रोफाइलों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है, जिन पर नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले वीडियो को प्रसारित करने का आरोप है।
मामले में पुलिस की जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे जारी है।
अब कार्रवाई और जांच पर नजर
जमुई की घटना ने नाबालिगों की सुरक्षा और सोशल मीडिया पर संवेदनशील वीडियो के प्रसार को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। वहीं नंदन यादव के घायल होने के बाद पुलिस मुठभेड़ की परिस्थितियां भी जांच का विषय रहेंगी। आरोपियों के खिलाफ अंतिम कानूनी स्थिति जांच और अदालत की प्रक्रिया से तय होगी।
जमुई की घटना अब कानून-व्यवस्था के साथ बिहार की राजनीति का भी मुद्दा बन चुकी है। जीतन राम मांझी ने पुलिस कार्रवाई को लेकर तेजस्वी यादव पर तीखा हमला किया है, जबकि विपक्ष पहले ही सरकार पर सवाल उठा चुका है। अब जांच के निष्कर्ष और आगे की कानूनी कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
