अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामला: CCTV में 105 बार नकदी निकालने या छिपाने की घटनाएं, SIT ने SC को सौंपी रिपोर्ट

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और दान की रकम में कथित गड़बड़ी की जांच अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। SIT ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि CCTV में 105 संदिग्ध घटनाएं मिलीं, जबकि 803 कीमती सामान की जांच में कोई गड़बड़ी नहीं मिली।
CCTV जांच में सामने आईं 105 घटनाएं
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान और चढ़ावे की रकम से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच कर रही SIT ने अपनी स्थिति रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के सामने रखी है। रिपोर्ट के अनुसार, PFC भवन के काउंटिंग रूम के CCTV फुटेज की जांच में 105 ऐसे मामले सामने आए, जिनमें नकदी को बिना अनुमति निकालने या छिपाने की घटनाएं दर्ज हुईं।
SIT ने CCTV फुटेज, गवाहों के बयान, बैंक रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर आठ आरोपियों की पहचान की है। रिपोर्ट में उनके बैंक खातों में जमा रकम और संपत्तियों से संबंधित जानकारी भी शामिल की गई है।
जांच में 173 लोगों के बयान दर्ज
SIT ने 14 सितंबर 2026 तक 173 गवाहों के बयान दर्ज किए हैं। इनमें मंदिर ट्रस्ट से जुड़े अधिकारी, काउंटिंग कर्मचारी, बैंक अधिकारी, सुरक्षा कर्मचारी, CCTV ऑपरेटर, चार्टर्ड अकाउंटेंट और अन्य संबंधित लोग शामिल हैं।
जांच में केवल नकदी की आवाजाही ही नहीं, बल्कि कथित रकम के बैंक खातों और संपत्तियों तक पहुंचने से जुड़े पहलुओं को भी खंगाला गया है।

803 कीमती सामान में नहीं मिली गड़बड़ी
जांच के दौरान मंदिर प्रशासन से जुड़े 803 कीमती सामान की रसीदों और रिकॉर्ड की भी जांच की गई। SIT के मुताबिक इन वस्तुओं को भारतीय स्टेट बैंक के लॉकर में रखा गया है और रिकॉर्ड तथा लॉकर की जांच में कोई अनियमितता नहीं मिली।
इसके अलावा 86 ऐसे कीमती सामान की भी पहचान हुई, जिनकी रसीद उपलब्ध नहीं थी। इनकी अलग से पहचान कर भौतिक सत्यापन किया गया।
चांदी की ईंटों और दूसरे दान की भी जांच
SIT ने मीडिया और सोशल मीडिया में सामने आए चांदी से जुड़े दावों की भी जांच की। रिपोर्ट में 200 किलो और 38.288 किलो चांदी की ईंटों, चांदी की माला, चरण पादुका और रामचरितमानस से जुड़े दान का उल्लेख है।
सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि इन विशेष दानों के रखरखाव और रिकॉर्ड में कोई गड़बड़ी नहीं मिली।
25 सितंबर तक दाखिल होगी चार्जशीट
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि जांच लगभग पूरी हो चुकी है और 25 सितंबर 2026 तक चार्जशीट दाखिल की जाएगी। यह समय सीमा उस मामले में गिरफ्तारी के बाद लागू होने वाली 90 दिन की वैधानिक अवधि से भी जुड़ी है।
SIT ने यह भी स्पष्ट किया है कि चार्जशीट दाखिल होने के बाद कानून के अनुसार जरूरत पड़ने पर आगे की जांच जारी रखी जा सकती है।
सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 2 नवंबर को
सुप्रीम कोर्ट ने SIT की स्थिति रिपोर्ट पर गौर किया है। अदालत ने कहा कि चार्जशीट दाखिल होने के बाद उसकी एक प्रति कोर्ट के समक्ष भी रखी जाए। मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर 2026 को होगी।
फिलहाल SIT की रिपोर्ट में सामने आए 105 मामलों को जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर देखा जा रहा है। अंतिम आपराधिक जिम्मेदारी और आरोपों पर निर्णय आगे की न्यायिक प्रक्रिया में होगा।
राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच में CCTV से सामने आईं 105 संदिग्ध नकदी निकासी या छिपाने की घटनाओं ने मामले को गंभीर बना दिया है। वहीं 803 कीमती सामान और विशेष रूप से बताई गई चांदी की वस्तुओं में गड़बड़ी नहीं मिलने की जानकारी भी रिपोर्ट में सामने आई है। अब सबकी नजर 25 सितंबर को दाखिल होने वाली चार्जशीट और आगे की न्यायिक कार्रवाई पर है।
