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CJP के सीजन 2 में शिक्षा पर सबसे ज्यादा फोकस, लोगों से सरकारी स्कूलों की स्थिति रिकॉर्ड करने की अपील की गई

जंतर-मंतर के लंबे छात्र आंदोलन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी अब सड़क से आगे बढ़कर देशभर में लोगों की आवाज सुनने की तैयारी कर रही है। CJP के मुताबिक अगला चरण शिक्षा, सरकारी स्कूलों, बेरोजगारी और शासन से जुड़े सवालों को जमीन पर उठाने पर केंद्रित होगा।

जंतर-मंतर के बाद क्या है CJP का अगला कदम?

कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बुधवार को संकेत दिया कि जंतर-मंतर के आंदोलन का अगला चरण जल्द सामने आएगा। इससे पहले दीपके जंतर-मंतर के आंदोलन को बड़े अभियान की शुरुआत बता चुके हैं। जून में CJP ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर वहां प्रदर्शन किया था।

अब पार्टी का फोकस सिर्फ दिल्ली तक सीमित रहने के बजाय देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचने पर दिखाई दे रहा है।

‘सीजन 2’ में क्या होगा?

CJP प्रवक्ता सौरव दास के मुताबिक, संगठन देशव्यापी ‘Listening Tour’ शुरू करने जा रहा है। इसका उद्देश्य अलग-अलग इलाकों में जाकर लोगों की समस्याएं सुनना और उन्हें समझना होगा।

CJP के सीजन 2 में शिक्षा पर सबसे ज्यादा फोकस, लोगों से सरकारी स्कूलों की स्थिति रिकॉर्ड करने की अपील की गई

यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जंतर-मंतर का आंदोलन मुख्य रूप से शिक्षा और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर शुरू हुआ था। बाद में आंदोलन का दायरा व्यापक जवाबदेही और शासन से जुड़े सवालों तक पहुंचा।

सरकारी स्कूलों पर रहेगा खास फोकस

सौरव दास ने कहा कि आजादी के दिन से ही शिक्षा को अभियान की प्राथमिकताओं में रखा जाएगा। CJP लोगों से अपने सरकारी स्कूलों में जाकर वहां की स्थिति देखने, सोशल ऑडिट करने और समस्याओं को रिकॉर्ड करने की अपील कर रही है।

इसमें स्कूलों की आधारभूत सुविधाएं, शिक्षा की गुणवत्ता और स्थानीय स्तर की कमियों को सामने लाने पर जोर दिया जाएगा। संगठन का दावा है कि इससे जमीनी तस्वीर को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलेगी।

सोशल मीडिया से जमीन तक पहुंचने की कोशिश

CJP की पहचान शुरुआत में एक ऑनलाइन और व्यंग्यात्मक युवा आंदोलन के रूप में बनी थी। जून में जंतर-मंतर पर इसके पहले बड़े सड़क प्रदर्शन ने इसे राष्ट्रीय चर्चा में ला दिया।

अब ‘Listening Tour’ के जरिए संगठन के सामने एक नई चुनौती है—ऑनलाइन समर्थन को स्थानीय स्तर पर लगातार सक्रिय भागीदारी में बदलना।

सिर्फ आंदोलन नहीं, दबाव की राजनीति

अगस्त की शुरुआत में CJP की ओर से एक राष्ट्रव्यापी ‘Kya Bolti Public’ अभियान की भी घोषणा की गई थी, जिसमें शिक्षा, बेरोजगारी और शासन जैसे मुद्दों पर जनता से संवाद करने की बात कही गई। संगठन ने चुनावी राजनीति में उतरने के बजाय खुद को सार्वजनिक दबाव समूह के रूप में पेश करने की बात कही है।

इससे संकेत मिलता है कि CJP अब केवल विरोध प्रदर्शन करने के बजाय मुद्दों को लगातार सार्वजनिक बहस में बनाए रखने की रणनीति अपना रही है।

युवाओं की राजनीति का अगला अध्याय?

CJP का नया अभियान कितना प्रभावी होगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि वह कितनी मजबूती से स्थानीय समस्याओं को दर्ज और सामने ला पाती है। जंतर-मंतर ने उसे पहचान दी, लेकिन देशभर में संगठनात्मक पकड़ बनाना कहीं बड़ी चुनौती है।

‘सीजन 2’ की असली परीक्षा यही होगी कि आंदोलन की आवाज सिर्फ नारों तक सीमित रहती है या सरकारी स्कूलों, शिक्षा और युवाओं की रोजमर्रा की समस्याओं पर ठोस दबाव में बदलती है।

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