
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया है कि देश जल्द ही एक बड़े आर्थिक संकट का सामना कर सकता है. रायबरेली दौरे के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि वर्तमान आर्थिक व्यवस्था कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई गई है जबकि इसका सबसे बड़ा नुकसान आम जनता को उठाना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि यह मॉडल ज्यादा समय तक टिकने वाला नहीं है और आने वाले समय में इसका असर देश के युवाओं किसानों मजदूरों और छोटे व्यापारियों पर गंभीर रूप से दिखाई देगा. राहुल गांधी के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमा गया है.
अडानी अंबानी और आर्थिक ढांचे पर सवाल
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में उद्योगपति गौतम अडानी और मुकेश अंबानी का नाम लेते हुए कहा कि मौजूदा व्यवस्था बड़े कॉरपोरेट घरानों के हित में काम कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की आर्थिक नीतियां आम जनता की जरूरतों से ज्यादा बड़े उद्योगपतियों के फायदे को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं. राहुल गांधी ने कहा कि आने वाला आर्थिक झटका इन बड़े उद्योगपतियों या सत्ता में बैठे लोगों को प्रभावित नहीं करेगा बल्कि इसका सबसे बड़ा असर उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश के आम नागरिकों पर पड़ेगा. उन्होंने कहा कि युवाओं के रोजगार किसानों की आय और छोटे व्यापारियों का कारोबार पहले से दबाव में है और आने वाले समय में यह स्थिति और कठिन हो सकती है.

विदेश दौरों और सरकार की प्राथमिकताओं पर हमला
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सरकार आम लोगों को खर्च कम करने और विदेश यात्रा से बचने की सलाह देती है जबकि प्रधानमंत्री लगातार विदेशी यात्राएं कर रहे हैं. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार देश के भीतर बढ़ती आर्थिक समस्याओं से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि जनता महंगाई बेरोजगारी और बढ़ती लागत से परेशान है लेकिन सरकार इन मुद्दों पर ठोस समाधान देने के बजाय प्रचार और सलाह में व्यस्त है. कांग्रेस का कहना है कि आर्थिक चुनौतियों का सामना करने के लिए सरकार को आम लोगों के हित में फैसले लेने होंगे.
पेट्रोल डीजल महंगा और तेल संकट की बढ़ती चिंता
इसी बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि यह स्थिति सरकार की नीतिगत विफलताओं का परिणाम है और इसका बोझ आम लोगों पर डाला जा रहा है. मंगलवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई. दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 98.64 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 91.58 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण आने वाले समय में आर्थिक दबाव और बढ़ सकता है. भारत की आयात पर निर्भरता के चलते तेल व्यापार घाटा बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है.
