जमुई के बाद समस्तीपुर कांड पर चिराग पासवान के सवाल, बोले- कानून का भय जरूरी

बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा से कथित छेड़छाड़ के मामले के बाद अब समस्तीपुर में युवती के साथ बदसलूकी का वीडियो सामने आया है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस घटनाक्रम ने राज्य में महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस को फिर तेज कर दिया है।
विपक्षी दलों के साथ अब सत्तारूढ़ NDA के सहयोगी नेता भी घटना पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए घटना पर चिंता जताई।
चिराग पासवान ने सरकार से क्या कहा?
चिराग पासवान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि जमुई के बाद समस्तीपुर में सामने आई छेड़छाड़ की घटना शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रूप से बच्चियों के साथ ऐसी घटनाएं होना कानून-व्यवस्था और प्रशासन की जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से घटना में शामिल हर व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
चिराग ने अपने बयान में जमुई मामले में मुख्य आरोपी के पुलिस मुठभेड़ में घायल होने का संदर्भ देते हुए समस्तीपुर मामले में भी इसी तरह की कार्रवाई की मांग की। यह चिराग पासवान का राजनीतिक बयान और मांग है; पुलिस की ओर से समस्तीपुर आरोपियों के खिलाफ ऐसी किसी कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई है।

समस्तीपुर में क्या हुआ?
पुलिस के अनुसार, समस्तीपुर के कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर गांव के पास बांध बाईपास सड़क पर युवती के साथ कथित बदसलूकी का वीडियो सामने आया था।
वीडियो में कुछ युवक युवती को घेरते और उसके साथ अभद्र व्यवहार करते दिखाई देते हैं। पुलिस ने वीडियो सामने आने के बाद मामले का संज्ञान लिया और आरोपियों की पहचान की प्रक्रिया शुरू की।
पुलिस के मुताबिक, मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
वायरल वीडियो से हुई आरोपियों की पहचान
समस्तीपुर पुलिस की कार्रवाई वायरल वीडियो सामने आने के बाद तेज हुई। तकनीकी जांच के जरिए घटनास्थल और वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान की गई।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने सूचना मिलने के करीब छह घंटे के भीतर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों के नाम विकास कुमार शर्मा, राहुल कुमार, रामबाबू सहनी और अवधेश पासवान बताए गए हैं।
पुलिस ने लोगों से कथित घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर नहीं करने की अपील भी की है।
जमुई मामले से जुड़ रही राजनीतिक बहस
समस्तीपुर की घटना ऐसे समय सामने आई है जब कुछ दिन पहले जमुई में एक नाबालिग छात्रा और उसके साथ मौजूद युवक के साथ कथित छेड़छाड़ और मारपीट का वीडियो सामने आया था। मामले में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया और मुख्य आरोपी नंदन यादव पुलिस कार्रवाई के दौरान पैर में गोली लगने से घायल हुआ।
जमुई की घटना पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी स्वत: संज्ञान लिया था और आरोपियों की गिरफ्तारी तथा कार्रवाई की जानकारी मांगी थी।
इसी पृष्ठभूमि में समस्तीपुर की घटना ने राज्य में महिला सुरक्षा और पुलिस कार्रवाई को लेकर नई राजनीतिक चर्चा शुरू कर दी है।
तेजस्वी यादव ने भी सरकार पर साधा निशाना
इन घटनाओं को लेकर राष्ट्रीय जनता दल नेता तेजस्वी यादव ने भी बिहार सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष की ओर से कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरा जा रहा है।
दूसरी तरफ, NDA के सहयोगी चिराग पासवान की प्रतिक्रिया ने इस मुद्दे को सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर से भी सार्वजनिक बहस का विषय बना दिया है।
हालांकि, चिराग पासवान ने कार्रवाई की मांग करते हुए जिस ‘एनकाउंटर’ का संदर्भ दिया है, वह उनकी राजनीतिक मांग है। कानून के तहत आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगी।
पुलिस जांच में अब आगे क्या?
समस्तीपुर पुलिस की जांच में वायरल वीडियो की सत्यता, घटना की परिस्थितियों और उसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के अलावा वीडियो से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा सकती है।
पुलिस की प्राथमिकता आरोपियों के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई करना और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं को स्पष्ट करना है।
जमुई के बाद समस्तीपुर में सामने आई कथित बदसलूकी की घटना ने बिहार में महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है। समस्तीपुर में चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अब जांच के निष्कर्ष और अदालत की प्रक्रिया से यह स्पष्ट होगा कि मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।
