सोनिया-ममता मुलाकात पर कांग्रेस ने तोड़ी चुप्पी, टीएमसी विलय की अटकलों को बताया बेबुनियाद

पश्चिम बंगाल की राजनीति में जारी हलचल के बीच तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और कांग्रेस के संभावित विलय को लेकर चल रही अटकलों पर दोनों दलों ने विराम लगाने की कोशिश की है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी और कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के बीच हुई हालिया मुलाकात में किसी भी प्रकार के विलय को लेकर चर्चा नहीं हुई थी।
दरअसल, टीएमसी में कथित अंदरूनी असंतोष और नेताओं की नाराजगी की खबरों के बीच ममता बनर्जी हाल ही में दिल्ली पहुंची थीं। INDIA गठबंधन की बैठक में हिस्सा लेने के बाद उन्होंने सोनिया गांधी से उनके आवास पर मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई कि क्या ममता बनर्जी अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय करने पर विचार कर रही हैं।
हालांकि कांग्रेस महासचिव Jairam Ramesh ने इन खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि सोनिया गांधी और ममता बनर्जी के बीच हुई बैठक बेहद सौहार्दपूर्ण रही और इसमें दोनों नेताओं ने लंबे समय से चले आ रहे व्यक्तिगत संबंधों तथा अन्य निजी विषयों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बैठक को लेकर प्रसारित की जा रही विलय संबंधी खबरें पूरी तरह गलत हैं।
सूत्रों के अनुसार, मुलाकात के दौरान विपक्षी एकजुटता और INDIA गठबंधन को मजबूत बनाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि ममता बनर्जी ने भाजपा के खिलाफ विपक्षी दलों को एकजुट होकर काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस बीच, सोनिया गांधी और ममता बनर्जी की मुलाकात के बाद टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव Abhishek Banerjee ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi से भी मुलाकात की, जिससे राजनीतिक चर्चाओं को और हवा मिली।
वहीं टीएमसी ने भी कांग्रेस में विलय की अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि ऐसी किसी योजना की उन्हें कोई जानकारी नहीं है और यह पूरी तरह बेबुनियाद दावा है।
फिलहाल दोनों दलों के बयानों से स्पष्ट है कि ममता बनर्जी और कांग्रेस नेतृत्व के बीच हुई मुलाकात का उद्देश्य विपक्षी सहयोग और राजनीतिक संवाद था, न कि किसी संगठनात्मक विलय पर चर्चा।