
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में हरियाणा के पंचकूला में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने और उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई की अपील की गई।
पंचकूला में कांग्रेस का धरना-प्रदर्शन
बुधवार को पंचकूला के लघु सचिवालय परिसर में कांग्रेस पार्टी ने छात्रों के समर्थन में धरना-प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का नेतृत्व पंचकूला विधायक चौधरी चंद्रमोहन ने किया, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने भाग लिया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई गई।
राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
धरने के बाद कांग्रेस नेताओं ने जिला उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में छात्रों की मांगों पर सकारात्मक हस्तक्षेप करने, उनके खिलाफ की गई कार्रवाई वापस लेने तथा शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई।

कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर उठाए सवाल
पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी ने कहा कि युवाओं और छात्रों की लोकतांत्रिक मांगों को दबाने का प्रयास उचित नहीं है। उनके अनुसार सरकार को बल प्रयोग के बजाय संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए। वहीं कांग्रेस जिला अध्यक्ष संजय चौहान ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों और युवाओं की समस्याओं के प्रति पर्याप्त संवेदनशीलता नहीं दिखा रही है।
छात्रों के भविष्य पर संसद में चर्चा की मांग
ज्ञापन में नई दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने, लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर संसद में सार्थक चर्चा कर उचित निर्णय लेने की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।
बढ़ी राजनीतिक हलचल
जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। पंचकूला में कांग्रेस का यह प्रदर्शन भी उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है, जहां विपक्ष छात्र आंदोलन के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरने का प्रयास कर रहा है।
