
बिहार के जमुई जिले के झाझा प्रखंड में ग्रामीण कार्य प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार के ठिकानों पर हुई छापेमारी ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को हिला दिया है। आर्थिक अपराध इकाई की इस कार्रवाई में जो संपत्ति सामने आई, उसे देखकर मौके पर मौजूद अधिकारियों तक के होश उड़ गए। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपी ने अपनी वैध आय से कई गुना अधिक संपत्ति अर्जित की है। यह मामला अब राज्य में बड़े स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
आय से कई गुना अधिक संपत्ति का खुलासा
आर्थिक अपराध इकाई की रिपोर्ट के अनुसार गोपाल कुमार ने अपनी ज्ञात आय से लगभग 2,00,61,000 रुपये अधिक की संपत्ति अर्जित की है, जो उनकी कुल वैध आय से करीब 81.5 प्रतिशत ज्यादा है। उन्होंने वर्ष 2008 में सरकारी सेवा शुरू की थी और 2022 में प्रमोशन पाकर कार्यपालक अभियंता बने थे। इसी अवधि में इतनी भारी संपत्ति का खुलासा होने के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि आखिर इतनी संपत्ति किस माध्यम से अर्जित की गई।

चार ठिकानों से बरामद हुआ भारी कैश और सोना
छापेमारी के दौरान ईओयू ने चार अलग-अलग ठिकानों पर कार्रवाई की, जिसमें 39,65,000 रुपये नकद, लगभग 47 लाख रुपये के आभूषण खरीद से जुड़े दस्तावेज, 424.08 ग्राम सोने के आभूषण और करीब 1 किलोग्राम चांदी बरामद हुई। इसके अलावा दानापुर और पटना क्षेत्र में महंगी प्रॉपर्टी, फ्लैट और दुकानें भी सामने आईं। जांच में Hyundai i10 और Hyundai Creta जैसे वाहन भी मिले हैं, जिनकी खरीद और स्वामित्व को लेकर जांच जारी है।
प्रॉपर्टी और बैंक खातों में भी मिला बड़ा निवेश
जांच एजेंसी के अनुसार आरोपी के पास सगुना मोड़ स्थित जेबी मॉल में दो व्यावसायिक दुकानें हैं, जिनकी कीमत लगभग 70 लाख रुपये आंकी गई है। इसके अलावा एक निर्माणाधीन भवन और जमीन के दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। दानापुर स्थित एक 4 BHK फ्लैट के लिए 80 लाख रुपये नकद भुगतान के रिकॉर्ड भी मिले हैं। साथ ही तीन बैंक खातों में लगभग 10 लाख रुपये जमा पाए गए हैं। इन सभी तथ्यों ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है और जांच अभी जारी है।
