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नलबंदी ऑपरेशन के बाद महिला की मौत, निजी अस्पताल पर उठे चौंकाने वाले सवाल

हरियाणा के महम गेट स्थित एक निजी अस्पताल में नलबंदी ऑपरेशन के दौरान 40 वर्षीय महिला की मौत के बाद हड़कंप मच गया। गांव गुजरानी निवासी संतोष को बुधवार सुबह ऑपरेशन के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन शाम तक उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। मामले ने अब तूल पकड़ लिया है और स्वास्थ्य विभाग के साथ पुलिस भी जांच में जुट गई है। गुरुवार को जिला नागरिक अस्पताल में डॉक्टरों के बोर्ड की निगरानी में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। अब सभी की नजर मेडिकल नेग्लिजेंस रिपोर्ट पर टिकी है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। घटना के बाद इलाके में भी आक्रोश का माहौल देखा गया और लोगों ने निजी अस्पतालों की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।

घंटों तक नहीं मिलने दिया मरीज से

परिजनों के अनुसार संतोष को सुबह करीब साढ़े 11 बजे ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया था। इसके बाद परिवार वालों को उनसे मिलने नहीं दिया गया। आरोप है कि अस्पताल कर्मचारी लगातार उन्हें अलग-अलग वार्डों में भेजते रहे और सही जानकारी देने से बचते रहे। कई घंटे गुजरने के बाद डॉक्टरों ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान महिला को हार्ट अटैक आया है और हालत गंभीर होने के कारण उसे वेंटिलेटर पर रखना पड़ेगा। परिवार ने इलाज जारी रखने की अनुमति भी दे दी, लेकिन शाम करीब पांच बजे डॉक्टरों ने महिला की मौत की सूचना दे दी। इस खबर के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। स्वजन का कहना है कि अगर समय रहते सही इलाज और निगरानी मिलती तो शायद महिला की जान बचाई जा सकती थी।

नलबंदी ऑपरेशन के बाद महिला की मौत, निजी अस्पताल पर उठे चौंकाने वाले सवाल

ऑपरेशन थिएटर से आती रही चीखें

मृतका के परिजनों ने अस्पताल पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अस्पताल में भर्ती कुछ अन्य मरीजों ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान महिला काफी देर तक चिल्लाती रही, लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की। परिवार का आरोप है कि अस्पताल में जरूरी विशेषज्ञ डॉक्टर और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने मरीज को किसी बड़े अस्पताल में रेफर करने की जरूरत नहीं समझी। परिजनों ने सवाल उठाया कि जब महिला की हालत बिगड़ रही थी तो समय पर उचित कदम क्यों नहीं उठाया गया। इस घटना ने निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर फिर से बहस छेड़ दी है। लोगों का कहना है कि छोटे अस्पतालों में गंभीर ऑपरेशन करना मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ बनता जा रहा है।

अस्पताल के बाहर देर रात तक हंगामा

महिला की मौत के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया। देर रात तक लोग अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते रहे। स्थिति बिगड़ती देख सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराने की कोशिश की। पुलिस ने परिवार की शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी अस्पताल के रिकॉर्ड और ऑपरेशन से जुड़ी प्रक्रिया की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मेडिकल बोर्ड की जांच आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि महिला की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई या इलाज में लापरवाही की वजह से। फिलहाल इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है और लोग दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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