BRICS समिट के बीच पुलिसकर्मी ने बनाई हथियारों के साथ रील, वीडियो वायरल होते ही हुआ सस्पेंड

राष्ट्रीय राजधानी में 12 और 13 सितंबर को 18वें BRICS शिखर सम्मेलन का आयोजन हुआ। सम्मेलन को लेकर दिल्ली में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। इसी दौरान दिल्ली पुलिस के एक कांस्टेबल के सोशल मीडिया वीडियो सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने नॉर्थ-वेस्ट डिस्ट्रिक्ट में तैनात कांस्टेबल दीपक को निलंबित कर दिया।
हथियारों के साथ नजर आया जवान
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कांस्टेबल दीपक अत्याधुनिक हथियारों के साथ दिखाई दे रहा है। बताया गया कि उसने लुटियंस दिल्ली में तैनाती के दौरान हाईराइज इमारतों से वीडियो बनाए थे।
वीडियो में हथियारों का प्रदर्शन भी नजर आया। सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील माने जाने वाले इलाकों से इस तरह की रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद पुलिस महकमे ने इसे गंभीरता से लिया।
समिट के दौरान थी कड़ी सुरक्षा
BRICS सम्मेलन के दौरान दिल्ली में करीब 15,000 पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की करीब 200 कंपनियां भी उपलब्ध कराई थीं।

इन जवानों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ विभिन्न ऑपरेशनल जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। ऐसे माहौल में सुरक्षा ड्यूटी से जुड़े किसी कर्मी की सोशल मीडिया गतिविधि पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
कई एजेंसियों के बीच था तालमेल
BRICS से जुड़े कार्यक्रमों और बैठकों की सुरक्षा तथा प्रबंधन के लिए दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्रालय (MHA), विदेश मंत्रालय (MEA), इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ व्यापक समन्वय किया था।
ऐसे हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय आयोजन में संवेदनशील स्थानों, सुरक्षा तैनाती और ऑपरेशनल गतिविधियों से जुड़ी जानकारी की गोपनीयता बेहद महत्वपूर्ण होती है।
BRICS में शामिल हैं 11 देश
18वें BRICS शिखर सम्मेलन में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल रहे।
BRICS के पार्टनर देशों में बेलारूस, क्यूबा, बोलीविया, कजाकिस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम शामिल हैं।
सुरक्षा ड्यूटी में सोशल मीडिया पर सवाल
यह मामला सिर्फ एक वायरल वीडियो तक सीमित नहीं है। सुरक्षा ड्यूटी में तैनात कर्मियों की सोशल मीडिया गतिविधियां संवेदनशील जानकारी के अनजाने में सार्वजनिक होने का जोखिम पैदा कर सकती हैं।
इसीलिए पुलिसकर्मी के निलंबन को विभाग की ओर से अनुशासन और सुरक्षा प्रोटोकॉल के प्रति सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। हथियार दिखाकर बनाई गई कुछ सेकंड की रील भले सोशल मीडिया पर मनोरंजन लगे, लेकिन हाई-सिक्योरिटी ड्यूटी में वही वीडियो गंभीर सुरक्षा सवाल खड़े कर सकता है।
