
बिहार में जेडीयू विधायक अनंत सिंह और पार्टी के एमएलसी नीरज कुमार के बीच चल रही तनातनी के बीच केंद्रीय मंत्री और मुंगेर सांसद ललन सिंह का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि अगर दो लोग आपस में समझौते के लिए तैयार हों, तो वे पंचायत कर सकते हैं, लेकिन किसी एक पक्ष की पैरवी नहीं करेंगे।
ललन सिंह ने क्या कहा?
लखीसराय में एक विवाद का जिक्र करते हुए ललन सिंह ने कहा कि अगर दो लोगों के बीच लड़ाई हो और दोनों उनके वोटर हों, तो वह किसी एक की पैरवी नहीं करते। हालांकि, अगर दोनों पक्ष समझौते के लिए तैयार हों, तो वह पंचायत कर सकते हैं।
ललन सिंह के इस बयान को जेडीयू के अंदर अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रहे विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। खास बात यह है कि जेडीयू नेतृत्व ने हाल ही में ललन सिंह को ही दोनों नेताओं के बीच मतभेद दूर करने की जिम्मेदारी दी है।
संजय झा ने ललन सिंह को दी थी जिम्मेदारी
जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने 2 अक्टूबर को कहा था कि पार्टी को अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रहे विवाद की जानकारी है। चूंकि मामला ललन सिंह के मुंगेर लोकसभा क्षेत्र से जुड़ा है, इसलिए पार्टी ने उन्हें दोनों नेताओं से बातचीत कर विवाद सुलझाने की जिम्मेदारी दी है।
पार्टी की कोशिश ऐसे समय में सामने आई है जब बिहार विधान परिषद के पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव करीब है और नीरज कुमार जेडीयू के उम्मीदवार हैं।

अनंत सिंह ने खोला नीरज कुमार के खिलाफ मोर्चा
मोकामा विधायक अनंत सिंह ने सार्वजनिक तौर पर नीरज कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। उन्होंने पटना स्नातक सीट से जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार डॉ. अनुज कुमार सिंह को समर्थन देने का ऐलान किया है।
1 अक्टूबर को अनुज सिंह के नामांकन के दौरान अनंत सिंह उनके साथ मौजूद रहे और उनके समर्थन में कार्यक्रम में भी शामिल हुए। रिपोर्टों के मुताबिक अनंत सिंह ने नीरज कुमार को हराने के लिए काम करने की बात कही है।
पुरानी है अनंत सिंह और नीरज कुमार की अदावत
दोनों नेताओं के बीच विवाद नया नहीं है। रिपोर्टों के मुताबिक, अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच राजनीतिक मतभेद लंबे समय से चले आ रहे हैं। 2015 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी दोनों के बीच राजनीतिक टकराव देखने को मिला था।
बाद के वर्षों में भी दोनों नेताओं के बीच सार्वजनिक बयानबाजी होती रही। मौजूदा विवाद अब बिहार विधान परिषद चुनाव के कारण एक बार फिर खुलकर सामने आया है।
चुनाव से पहले जेडीयू के लिए चुनौती
बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार जेडीयू के उम्मीदवार हैं, जबकि जन सुराज ने डॉ. अनुज कुमार सिंह को मैदान में उतारा है। अनंत सिंह के अनुज सिंह के समर्थन में आने से जेडीयू के लिए यह मामला राजनीतिक और संगठनात्मक दोनों स्तर पर महत्वपूर्ण हो गया है।
रिपोर्टों के अनुसार बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए मतदान 23 अक्टूबर को होना है और मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।
अब ललन सिंह की मध्यस्थता पर नजर
जेडीयू ने विवाद सुलझाने की जिम्मेदारी ललन सिंह को तो दे दी है, लेकिन उनके ताजा बयान से यह संकेत मिलता है कि वह तभी मध्यस्थता करेंगे जब दोनों पक्ष बातचीत और समझौते के लिए तैयार हों।
ऐसे में अब नजर इस बात पर है कि अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच बातचीत होती है या विवाद चुनावी मैदान में ही आगे बढ़ता है। फिलहाल ललन सिंह ने किसी एक पक्ष का समर्थन करने के बजाय दोनों पक्षों की सहमति को समाधान की पहली शर्त बताया है।
