
हरियाणा के सभी 48 भाजपा विधायकों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात सिर्फ औपचारिक बैठक नहीं रही। शुरुआत में माहौल थोड़ा तनावपूर्ण था, लेकिन मोदी के सहज हरियाणवी अंदाज ने इसे बदल दिया। इसके बाद बातचीत सरकार, संगठन, किसानों, युवाओं और गांवों तक जनसंवाद पर केंद्रित रही।
‘हरियाणा वालों, राम-राम क्यों नहीं की?’
3 अक्टूबर को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता और भाजपा के सभी 48 विधायकों से मुलाकात की। बैठक में भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन और हरियाणा प्रभारी स्मृति ईरानी भी मौजूद रहीं।
बैठक से पहले विधायकों के बीच इसे लेकर उत्सुकता और तनाव की चर्चा थी। रिपोर्ट के मुताबिक मोदी ने शुरुआत में ही माहौल हल्का करते हुए हरियाणवी अंदाज में कहा, “हरियाणा वालों, तुमने राम-राम क्यों नहीं की।” उन्होंने यह भी कहा कि मुलाकात परिचयात्मक है और किसी को तनाव लेने की जरूरत नहीं है।

‘मैंने किसी का रिपोर्ट कार्ड नहीं देखा’
बैठक के दौरान मोदी ने उन चर्चाओं को भी खारिज किया जिनमें इसे विधायकों के प्रदर्शन की समीक्षा से जोड़कर देखा जा रहा था। उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी का रिपोर्ट कार्ड नहीं देखा है और न ही किसी को तलब किया गया है।
इसके बाद उन्होंने विधायकों से उनके विधानसभा क्षेत्रों और पुराने भाजपा नेताओं के बारे में जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने हरियाणा के व्यापक प्रभाव का जिक्र करते हुए प्रदेश को हर क्षेत्र में आगे ले जाने पर जोर दिया।
किसानों के लिए प्राकृतिक खेती पर जोर
बैठक का एक महत्वपूर्ण हिस्सा किसानों से जुड़ा रहा। प्रधानमंत्री ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को इससे जोड़ने की बात कही। मुख्यमंत्री के मुताबिक विधायकों से अपने क्षेत्रों में कम से कम एक एकड़ जमीन पर प्राकृतिक खेती के लिए किसानों को प्रेरित करने को कहा गया।
साथ ही किसानों को सौर ऊर्जा, एफपीओ और आधुनिक कृषि पद्धतियों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। इसका उद्देश्य खेती को अधिक टिकाऊ और किसानों की आय के अवसरों को मजबूत करना बताया गया।
30-35 गांवों तक पहुंचने का टास्क
प्रधानमंत्री ने विधायकों को सिर्फ विधानसभा और सरकारी कार्यालयों तक सीमित न रहने, बल्कि सीधे गांवों में पहुंचने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री सैनी के अनुसार हर विधानसभा क्षेत्र के करीब 30 से 35 गांवों में नियमित बैठकें करने का सुझाव दिया गया है।
इन बैठकों में टिफिन बैठक, संवाद, स्वच्छता अभियान और स्थानीय समस्याओं पर चर्चा शामिल होगी। मकसद यह है कि विधायक और कार्यकर्ता जनता के बीच रहकर समस्याओं के समाधान का माध्यम बनें।
बालिका शिक्षा और युवाओं पर भी फोकस
बैठक में बालिका शिक्षा को लेकर भी विशेष जोर दिया गया। खासतौर पर उन इलाकों में काम करने की बात कही गई जहां लड़कियों की शिक्षा का स्तर अपेक्षाकृत कम है।
इसके अलावा युवाओं के कौशल विकास और रोजगार से जुड़ने के अवसर बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। गुरुग्राम जैसे शहरी केंद्रों के विकास और हरियाणा को विकास के विभिन्न क्षेत्रों में आगे ले जाने पर भी प्रधानमंत्री ने जोर दिया।
राजनीति से आगे ‘सेवा’ का संदेश
बैठक के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसे प्रेरणादायक बताया। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में भी कहा कि विधायकों के साथ जनता की बेहतर सेवा और जनकल्याण के लिए प्रभावी ढंग से काम करने पर सार्थक बातचीत हुई।
इस मुलाकात का सबसे बड़ा संदेश यही रहा कि सरकार और संगठन की गतिविधियों का केंद्र जनता के बीच होना चाहिए। अब असली परीक्षा इन निर्देशों को जमीन पर लागू करने की होगी—गांवों में नियमित संवाद से लेकर किसानों, युवाओं और बेटियों के लिए ठोस काम तक।
