राजनीतिराज्य

बिहार में बाढ़ के बीच नीतीश कुमार का दौरा, पटना में गंगा ने तोड़ा 10 साल पुराना रिकॉर्ड

बिहार में लगातार बढ़ते नदी जलस्तर ने कई जिलों में चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन अलर्ट पर है और इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गंगा के बढ़े जलस्तर का जायजा लिया। पटना में गंगा का पानी ऐतिहासिक स्तर तक पहुंचने के बाद राहत और बचाव तैयारियों पर भी नजर रखी जा रही है।

नीतीश कुमार ने लिया बाढ़ का जायजा

बिहार के कई जिलों में बाढ़ के हालात के बीच जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार गुरुवार को खुद स्थिति का जायजा लेने पहुंचे। उनके साथ पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा भी मौजूद रहे।

नीतीश कुमार ने कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल से गंगा के बढ़े जलस्तर का निरीक्षण किया। इसके बाद दीघा घाट और जेपी सेतु के आसपास के इलाकों में भी स्थिति देखी गई। निरीक्षण के बाद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

कई जिलों में प्रशासन अलर्ट

नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण आपदा प्रबंधन विभाग ने कई जिलों में अलर्ट जारी किया है। संभावित बाढ़ को देखते हुए लोगों से विशेष सावधानी बरतने और नदी के आसपास अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की गई है।

बिहार में बाढ़ के बीच नीतीश कुमार का दौरा, पटना में गंगा ने तोड़ा 10 साल पुराना रिकॉर्ड

प्रशासन प्रभावित इलाकों की निगरानी कर रहा है और जरूरत के मुताबिक राहत एवं बचाव व्यवस्था को सक्रिय रखने पर जोर दिया जा रहा है।

पटना में गंगा ने पार किया HFL

जेडीयू सांसद संजय कुमार झा ने दावा किया कि 3 सितंबर की सुबह पटना में गंगा का जलस्तर अब तक के उच्चतम बाढ़ स्तर यानी HFL को पार कर गया।

उनके अनुसार, इससे पहले पटना में गंगा का सबसे ऊंचा जलस्तर 2016 में दर्ज हुआ था। यानी करीब एक दशक बाद नदी ने पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।

सरकार की तैयारियों का किया जिक्र

संजय झा ने कहा कि नेपाल में हाल की प्राकृतिक आपदा के बाद बड़ी मात्रा में पानी बिहार की नदियों में आया है। बिहार की भौगोलिक स्थिति के कारण नेपाल से आने वाला अतिरिक्त पानी राज्य की नदियों के जलस्तर को प्रभावित करता है।

उन्होंने दावा किया कि गंडक समेत कई नदियों में इस बार काफी पानी आया है। उनके मुताबिक, राज्य सरकार ने आपात स्थिति से निपटने के लिए समय रहते तैयारियां कीं और राहत-बचाव व्यवस्था को सक्रिय रखा।

‘स्थिति नियंत्रण में’, लेकिन सतर्कता जरूरी

संजय झा ने कहा कि कुछ जिलों में बाढ़ की स्थिति जरूर बनी है, लेकिन सरकार अलर्ट है और स्थिति नियंत्रण में है।

हालांकि, नदी का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर के आसपास पहुंचने के कारण आने वाले दिन महत्वपूर्ण हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए प्रशासन की सलाह और स्थानीय चेतावनियों का पालन करना बेहद जरूरी है।

रिकॉर्ड जलस्तर ने बढ़ाई चुनौती

पटना में गंगा का ऐतिहासिक जलस्तर और बिहार के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। ऐसे समय में नदी किनारे बसे इलाकों की लगातार निगरानी, समय पर राहत सामग्री और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर लोगों को पहुंचाना सबसे अहम होगा।

गंगा का पानी भले ही अभी नियंत्रण में होने का दावा किया जा रहा हो, लेकिन रिकॉर्ड स्तर यह संकेत देता है कि सावधानी में कमी की कोई गुंजाइश नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button