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अयोध्या चढ़ावा विवाद पर बड़ा अपडेट, सुप्रीम कोर्ट ने जांच में पारदर्शिता पर दिया जोर

राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अहम सुनवाई की। कोर्ट ने जांच की प्रगति की समीक्षा करते हुए विशेष जांच दल (SIT) के पुनर्गठन का निर्देश दिया और स्पष्ट किया कि जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और बिना किसी राजनीतिक प्रभाव के पूरी होनी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट में हुई अहम सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसमें मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना शामिल थे, ने राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई की। याचिकाओं में मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की गई थी। इससे पहले अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से गठित SIT से जांच की प्रगति रिपोर्ट मांगी थी।

जांच की स्थिति पर कोर्ट ने मांगा जवाब

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दी गई है और जांच जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि मामले में कुछ गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने पूछा कि वर्तमान में जांच कौन कर रहा है। जवाब में बताया गया कि शुरुआती जांच SIT ने की थी, जबकि अब आगे की जांच पुलिस कर रही है।

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SIT के पुनर्गठन का निर्देश

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि पहले गठित SIT में वरिष्ठ और जिम्मेदार अधिकारी शामिल थे। उन्होंने सुझाव दिया कि जांच की निरंतरता बनाए रखने के लिए पिछली SIT के किसी अधिकारी को नई टीम का प्रमुख बनाया जा सकता है। अदालत ने सरकार को SIT के पुनर्गठन पर विचार करने और नई टीम गठित करने का निर्देश दिया।

याचिकाकर्ताओं ने उठाए पारदर्शिता के सवाल

याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में दावा किया गया कि मंदिर में सोना और चांदी सहित अन्य बहुमूल्य वस्तुएं भी दान की गई थीं, जिनके संबंध में मीडिया रिपोर्टों में अनियमितताओं की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि उनके पास संबंधित रसीदें भी मौजूद हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच होनी चाहिए। अदालत ने कहा कि वह रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

राजनीतिकरण से बचने की नसीहत

सुनवाई के अंत में मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने स्पष्ट कहा कि इस मामले का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष हो और तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचे। अदालत ने संकेत दिया कि आवश्यकता पड़ने पर आगे भी उचित निर्देश जारी किए जाएंगे।

राम मंदिर चढ़ावा मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद अब नई SIT के गठन और आगे की जांच पर सभी की नजर रहेगी। अदालत ने निष्पक्ष जांच को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मामले की अगली सुनवाई अगले सोमवार के लिए निर्धारित की है।

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