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विजय की सत्ता राह पर सवाल DMK प्रवक्ता का स्टालिन को लेकर बड़ा बयान

तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) प्रमुख सी जोसेफ विजय आज तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। लंबे समय से जारी राजनीतिक अनिश्चितता के बाद उनके लिए सरकार गठन का रास्ता साफ हो गया है। शपथ ग्रहण समारोह को राज्य की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ माना जा रहा है, जहां विभिन्न दलों की भूमिका निर्णायक रही।

DMK का बयान और स्टालिन की रणनीतिक भूमिका का दावा

डीएमके प्रवक्ता ए सरवनन ने कहा कि विजय का मुख्यमंत्री बनना केवल उनकी पार्टी की ताकत नहीं बल्कि गठबंधन राजनीति का परिणाम है। उन्होंने दावा किया कि निवर्तमान मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने सहयोगी दलों को टीवीके के साथ हाथ मिलाने के लिए राजी किया ताकि राज्य में संवैधानिक संकट की स्थिति न बने। सरवनन ने यह भी कहा कि यह निर्णय व्यापक राजनीतिक विचार-विमर्श के बाद लिया गया।

विजय की सत्ता राह पर सवाल DMK प्रवक्ता का स्टालिन को लेकर बड़ा बयान

120 विधायकों का समर्थन और बहुमत का गणित

टीवीके की शुरुआत 107 विधायकों के साथ हुई थी, लेकिन बाद में कांग्रेस के 5, सीपीआई और सीपीआई(एम) के 2-2 विधायकों के समर्थन से यह संख्या बढ़कर 116 हो गई। इसके बाद वीसीके और आईयूएमएल के समर्थन से कुल संख्या 120 तक पहुंच गई, जो 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के आंकड़े 118 से अधिक है। इसी समर्थन के आधार पर विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार गठन का दावा पेश किया।

राज्यपाल से मुलाकात और सरकार गठन की प्रक्रिया पूरी

विजय ने राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को समर्थन पत्र सौंपते हुए टीवीके विधायक दल का नेता चुने जाने की जानकारी दी। उन्होंने सभी सहयोगी दलों के समर्थन पत्र भी प्रस्तुत किए, जिसके बाद उन्हें सरकार बनाने की अनुमति मिल गई। इस तरह तमिलनाडु में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया पूरी हो गई है और अब राज्य में एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत मानी जा रही है।

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