
Narendra Modi आगामी शुक्रवार से छह दिवसीय विदेश दौरे पर रवाना होंगे, जिसमें वे पांच देशों का दौरा करेंगे। इस यात्रा की शुरुआत United Arab Emirates से होगी, जहां वे राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा होगी। साथ ही मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और ऊर्जा सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। भारत और यूएई के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को नई दिशा देने पर भी जोर रहेगा। विदेश मंत्रालय के अनुसार यूएई भारत का एक प्रमुख व्यापारिक साझेदार है और वहां 45 लाख से अधिक भारतीय रहते हैं, जिनके हितों पर भी चर्चा की जाएगी।
नीदरलैंड में व्यापार और तकनीकी सहयोग को मिलेगा नया आयाम
दौरे के दूसरे चरण में पीएम मोदी Netherlands जाएंगे, जहां वे 15 से 17 मई तक रहेंगे। यहां उनकी मुलाकात राजा विलेम-अलेक्जेंडर और रानी मैक्सिमा से होगी। इसके साथ ही वे प्रधानमंत्री रॉब जेटेन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस दौरान रक्षा, सुरक्षा, नवाचार, हरित हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर और जल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी। भारत और नीदरलैंड के बीच व्यापारिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और 2024-25 में दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार 27.8 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। इस यात्रा से तकनीकी सहयोग और निवेश के नए अवसर खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।

स्वीडन में हरित तकनीक और एआई पर होगा फोकस
इसके बाद पीएम मोदी Sweden की दो दिवसीय यात्रा करेंगे। यह यात्रा स्वीडिश प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के निमंत्रण पर हो रही है। दोनों देशों के बीच 2025 में द्विपक्षीय व्यापार 7.75 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। इस दौरान हरित परिवर्तन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, उभरती तकनीक, स्टार्टअप इकोसिस्टम और रक्षा सहयोग जैसे विषयों पर विस्तार से बातचीत होगी। इसके साथ ही जलवायु परिवर्तन और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने पर भी चर्चा की जाएगी। इस यात्रा में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भी शामिल होंगी, जिससे भारत और यूरोप के बीच संबंधों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
नॉर्वे और इटली में वैश्विक साझेदारी को मिलेगा विस्तार
स्वीडन के बाद पीएम मोदी Norway में तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। यह सम्मेलन वैश्विक आर्थिक सहयोग और तकनीकी साझेदारी को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके बाद वे यात्रा के अंतिम चरण में Italy जाएंगे, जहां उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से होगी। यहां व्यापार, रक्षा और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बातचीत होगी। यह पूरा दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया कई भू-राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा भारत की वैश्विक भूमिका को और मजबूत करने और रणनीतिक साझेदारियों को नया आयाम देने में महत्वपूर्ण साबित होगी।