
पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की लगातार हो रही कार्रवाई को लेकर राजनीतिक तनाव तेज हो गया है। Arvind Kejriwal ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल चुनाव खत्म होते ही पंजाब में लगातार रेड शुरू कर दी गई हैं। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक दबाव की रणनीति बताया। यह बयान उस समय आया है जब पंजाब में कई नेताओं और मंत्रियों के ठिकानों पर जांच एजेंसियों की कार्रवाई चर्चा में है।
भगवंत मान के पोस्ट को किया रीपोस्ट. केंद्र पर लगाए गंभीर आरोप
केजरीवाल ने पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के एक्स पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया। मान ने आरोप लगाया था कि कैबिनेट मंत्री Sanjeev Arora के घर एक साल में तीसरी बार और एक महीने में दूसरी बार ED की कार्रवाई हुई, लेकिन एजेंसी को कोई ठोस परिणाम नहीं मिला। उन्होंने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया और कहा कि पंजाब को बार-बार निशाना बनाया जा रहा है। इस पूरे मामले ने राज्य और केंद्र के बीच टकराव को और बढ़ा दिया है।

‘पंजाब को प्रताड़ित किया जा रहा है’ केजरीवाल का बड़ा बयान
अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पिछले कई वर्षों से पंजाब के साथ अन्याय कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब के पानी, पंजाब यूनिवर्सिटी और ग्रामीण विकास फंड जैसे मुद्दों पर भी राज्य के हितों की अनदेखी की जा रही है। उनके अनुसार यह केवल प्रशासनिक कार्रवाई नहीं बल्कि राजनीतिक दबाव बनाने की रणनीति है। केजरीवाल ने कहा कि पंजाब की जनता इन हालात को समझ रही है और इसका जवाब समय आने पर देगी।
रेड का असली मकसद दबाव बनाना. AAP का गंभीर आरोप
केजरीवाल ने दावा किया कि हाल ही में अशोक मित्तल के यहां ED रेड के बाद उन्हें बीजेपी में शामिल करवा लिया गया, जिससे यह साफ होता है कि जांच का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो नेता पार्टी नहीं छोड़ते उनके खिलाफ फिर से कार्रवाई की जाती है। केजरीवाल ने मुगल शासक औरंगजेब का उदाहरण देते हुए कहा कि पंजाब ने हमेशा अत्याचार का सामना किया है और अब भी करेगा। उन्होंने दावा किया कि किसान आंदोलन के दौरान भी केंद्र सरकार को पीछे हटना पड़ा था और अब पंजाब एक बार फिर एकजुट होकर जवाब देगा।