
देश के स्वच्छ शहरों में शुमार इंदौर अब अपने पानी को लेकर विवादों में घिर गया है। कांग्रेस ने शहर में सप्लाई हो रहे पेयजल को लेकर बड़ा दावा करते हुए इसे स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बताया है। इंदौर प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने “जल ऑडिट रिपोर्ट” जारी कर कहा कि शहर का पानी अब “साइलेंट किलर” बनता जा रहा है। इस बयान के बाद शहर में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है।
जल ऑडिट रिपोर्ट में चौंकाने वाले दावे
कांग्रेस द्वारा कराए गए इस जल ऑडिट में 26 दिनों तक अलग अलग इलाकों से पानी के सैंपल लिए गए। कुल 240 नमूनों की जांच में करीब 90 प्रतिशत सैंपल फेल पाए जाने का दावा किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया कि कई स्थानों पर पानी में खतरनाक बैक्टीरिया और हानिकारक तत्व पाए गए हैं जो गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। कांग्रेस का कहना है कि यह जांच सर्टिफाइड और दिल्ली की मान्यता प्राप्त लैब में कराई गई है।

सरकार और नगर निगम पर गंभीर सवाल
जीतू पटवारी ने इस रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार और नगर निगम पर तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने भागीरथपुरा क्षेत्र के कथित गंदे पानी के मामलों और उससे जुड़ी घटनाओं का भी जिक्र किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शहर के कई इलाकों में सप्लाई हो रहा पानी सुरक्षित नहीं है और यह आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ जैसा है। विशेष रूप से सुदामा नगर क्षेत्र का पानी भी जांच में फेल पाए जाने का दावा किया गया है।
स्वतंत्र जांच की मांग और राजनीतिक विवाद
कांग्रेस ने सरकार से इस पूरे मामले की स्वतंत्र जल ऑडिट कराने की मांग की है। जीतू पटवारी ने कहा कि यदि उनकी रिपोर्ट गलत साबित होती है तो सरकार उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करे। इस बयान के बाद मामला और गरमा गया है। इंदौर की स्वच्छ छवि पर सवाल उठने से लेकर पानी की गुणवत्ता तक, यह मुद्दा अब राजनीतिक बहस का बड़ा केंद्र बन गया है और आम जनता में भी चिंता बढ़ गई है।
