
नीट पेपर लीक और छात्र आंदोलन के बीच 26 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार के लिखित आश्वासन के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया। सरकार और वांगचुक के बीच हुई बातचीत के बाद कई अहम मुद्दों पर सहमति बनने का दावा किया गया।
4 घंटे चली अहम बैठक
सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत और छात्र आंदोलन को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और पीएमओ में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ लंबी बैठक की। बैठक में वांगचुक की मांगों और उनके स्वास्थ्य को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इसके बाद सरकार ने उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाने का फैसला किया।
परिवार से संपर्क कर बनाया भरोसा
बैठक के बाद डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो से फोन पर बातचीत की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार कर रही है और समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील भी की गई।

अस्पताल पहुंचकर सौंपा आश्वासन पत्र
इसके बाद जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने सोनम वांगचुक से मुलाकात कर सरकार का लिखित आश्वासन पत्र सौंपा। सरकार ने बताया कि परीक्षा सुधार और पेपर लीक से जुड़े प्रावधानों पर नया विधेयक संसद में लाने की तैयारी की जा रही है।
प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई को लेकर सकारात्मक संकेत
सरकार ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई न करने के प्रति सकारात्मक रुख व्यक्त किया। इसके अलावा परीक्षा सुधार, शिक्षा व्यवस्था में बदलाव और अन्य संबंधित मांगों पर भी विचार करने का भरोसा दिया गया। साथ ही पेपर लीक से जुड़े मामलों में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजे के मुद्दे पर भी सकारात्मक विचार का आश्वासन दिया गया।
लद्दाख लौटने से पहले छात्रों से मिलेंगे वांगचुक
अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक ने कहा कि वह लद्दाख लौटने से पहले आंदोलन में शामिल छात्रों और समर्थकों से मुलाकात करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि आगे भी सभी मुद्दों पर शांतिपूर्ण और रचनात्मक संवाद का समर्थन करते रहेंगे।
पीएम मोदी ने की स्वस्थ होने की कामना
सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने वांगचुक से डॉक्टरों की सलाह का पालन करने और जल्द स्वस्थ होने का आग्रह किया।
26 दिनों तक चली भूख हड़ताल सरकार के लिखित आश्वासनों के बाद समाप्त हुई। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार अपने वादों को किस तरह लागू करती है और परीक्षा सुधार से जुड़े प्रस्तावित कदमों पर आगे क्या निर्णय लिया जाता है।
