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भारत-दक्षिण कोरिया संबंधों में नया अध्याय राष्ट्रपति ली जे-म्युंग की अहम दिल्ली यात्रा

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग की भारत यात्रा ने दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों को एक नई ऊर्जा दी है। सोमवार को नई दिल्ली में उनका भव्य स्वागत किया गया। राष्ट्रपति भवन के फोरकोर्ट में औपचारिक समारोह आयोजित किया गया जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और दक्षिण कोरिया अपने रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इस स्वागत समारोह को दोनों देशों की गहरी मित्रता और बढ़ते सहयोग का प्रतीक माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी और ली जे-म्युंग की द्विपक्षीय बैठक

स्वागत समारोह के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग के बीच हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बैठक हुई। इस बैठक में दोनों नेताओं ने विशेष सामरिक साझेदारी को और आगे बढ़ाने पर चर्चा की। बातचीत के दौरान रक्षा सहयोग, व्यापार विस्तार और तकनीकी साझेदारी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि क्षेत्रीय स्थिरता और इंडो पैसिफिक में शांति बनाए रखने के लिए आपसी सहयोग को और मजबूत करना जरूरी है। यह बैठक दोनों देशों के भविष्य के संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

भारत-दक्षिण कोरिया संबंधों में नया अध्याय राष्ट्रपति ली जे-म्युंग की अहम दिल्ली यात्रा

भारत-दक्षिण कोरिया रणनीतिक साझेदारी का विस्तार

भारत और दक्षिण कोरिया के बीच विशेष सामरिक साझेदारी की शुरुआत वर्ष 2010 में हुई थी और तब से यह संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। वर्तमान में दोनों देश रक्षा, प्रौद्योगिकी, अर्धचालक, बैटरी निर्माण, साइबर सुरक्षा और व्यापार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 30 बिलियन डॉलर से अधिक पहुंच चुका है। भारत अब दक्षिण कोरियाई कंपनियों के लिए एक प्रमुख निवेश केंद्र बनता जा रहा है। इस यात्रा को दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है।

क्षेत्रीय सुरक्षा और भविष्य की साझेदारी पर फोकस

राष्ट्रपति ली जे-म्युंग की भारत यात्रा के दौरान उच्च स्तरीय वार्ताओं में क्षेत्रीय सुरक्षा और इंडो पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता जैसे मुद्दों पर विशेष जोर दिया जाएगा। दोनों देश आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा कर रहे हैं। यात्रा से पहले ली जे-म्युंग ने अपने सोशल मीडिया संदेश में भारत को एक तेज़ी से विकसित होता देश बताते हुए दोनों देशों के बीच सहयोग को भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया था। उन्होंने यह भी कहा था कि शांति और लोकतंत्र के आधार पर दोनों देश मिलकर एक मजबूत भविष्य का निर्माण कर सकते हैं। यह यात्रा भारत और दक्षिण कोरिया के रिश्तों में एक नए युग की शुरुआत के रूप में देखी जा रही है।

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