
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से तत्काल इस्तीफे की मांग की है। यह मांग हरियाणा पुलिस द्वारा विवादित वीडियो मामले में कथित फर्जी रिपोर्ट तैयार करने के आरोपों के तहत एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद उठाई गई है। धामी ने कहा कि इस घटनाक्रम ने प्रशासनिक निष्पक्षता और संस्थागत विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
श्री अकाल तख्त साहिब के सम्मान का मामला
हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि यह मामला केवल एक वीडियो तक सीमित नहीं है, बल्कि सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं और श्री अकाल तख्त साहिब की गरिमा से जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि अकाल तख्त साहिब द्वारा दो मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं से जांच करवाई गई थी। इसके बावजूद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय अकाल तख्त के फैसले को चुनौती देने का प्रयास किया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

कानून की रक्षा करने वालों पर ही सवाल
एसजीपीसी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कानून की रक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाले लोग ही यदि कथित तौर पर भ्रामक रिपोर्ट तैयार करने जैसे मामलों में शामिल पाए जाते हैं, तो इससे जनता का विश्वास कमजोर होता है। उन्होंने कहा कि किसी भी संवेदनशील मामले में तथ्यों के विपरीत रिपोर्ट तैयार करना कानूनी और नैतिक दोनों दृष्टियों से गलत है। ऐसे मामलों की जांच राजनीतिक प्रभाव से मुक्त और निष्पक्ष होनी चाहिए।
‘कोई भी कानून से ऊपर नहीं’
धामी ने कहा कि हरियाणा पुलिस की एफआईआर से कई सवालों के जवाब सामने आए हैं और इससे आम आदमी पार्टी की कार्यशैली पर भी प्रश्नचिह्न लगा है। उन्होंने दोहराया कि लोकतंत्र में कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है, चाहे वह कितना भी बड़ा पद क्यों न रखता हो। उन्होंने संगतों से अपील की कि वे श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों का सम्मान करें और धार्मिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखें।
