
भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर बिहार की राजनीति लगातार गर्माती जा रही है। विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक मुकेश सहनी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार पर तीखा हमला बोला है। बुधवार को मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में एनकाउंटर की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं और इस पूरे मामले की निष्पक्ष तथा विशेष जांच कराई जानी चाहिए।
मुजफ्फरपुर एनकाउंटर का भी किया जिक्र
मुकेश सहनी ने कहा कि इससे पहले मुजफ्फरपुर में निषाद समाज के युवक पप्पू के कथित फर्जी एनकाउंटर का मामला सामने आया था। उनके मुताबिक यदि उस समय जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई होती और मामले की गंभीर जांच की जाती तो आज भरत तिवारी जैसी घटना देखने को नहीं मिलती। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संवैधानिक मूल्यों की अनदेखी कर रही है और जनता आने वाले समय में इसका जवाब देगी।

जेडीयू सांसद ने भी उठाए सवाल
भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर सिर्फ विपक्ष ही नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष के नेताओं की ओर से भी सवाल उठाए जा रहे हैं। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के सांसद कौशलेंद्र कुमार ने कहा कि किसी भी व्यक्ति का एनकाउंटर होना अच्छी बात नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि कोई व्यक्ति पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करता है तो उसे हिरासत में लेकर कानूनी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए, एनकाउंटर नहीं किया जाना चाहिए।
जांच और न्याय की मांग तेज
भरत तिवारी मामले में लगातार राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। विपक्ष इस मामले को मानवाधिकार और कानून व्यवस्था से जोड़कर देख रहा है, जबकि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं ने भी निष्पक्ष जांच की आवश्यकता बताई है। ऐसे में यह मामला अब सिर्फ एक पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि बिहार की राजनीति और प्रशासनिक जवाबदेही का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।