
उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने से पहले ही राजनीतिक माहौल गरमा गया। समाजवादी पार्टी के विधायकों ने विधानसभा परिसर में जोरदार प्रदर्शन करते हुए राम मंदिर चढ़ावा विवाद, नीट पेपर लीक और अन्य जनहित के मुद्दों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विपक्ष के इस प्रदर्शन ने पहले ही दिन सत्र के हंगामेदार रहने के संकेत दे दिए हैं।
दानपात्र लेकर पहुंचे सपा विधायक
सत्र शुरू होने से पहले समाजवादी पार्टी के विधायक अपने हाथों में पोस्टर, तख्तियां और दानपात्र लेकर विधानसभा परिसर पहुंचे। उन्होंने “चंदा चोर, गद्दी छोड़” जैसे नारे लगाए और राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े सवाल उठाए। प्रदर्शन के दौरान नीट पेपर लीक और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार को घेरने की कोशिश की गई।
शिवपाल यादव ने सरकार पर साधा निशाना
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक शिवपाल सिंह यादव ने विधानसभा का सत्र कम अवधि का होने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, लेकिन सरकार ने बहुत छोटा सत्र बुलाकर गंभीर विषयों से बचने का प्रयास किया है। उनके अनुसार इतने कम समय में जनता की समस्याओं और विपक्ष द्वारा उठाए जाने वाले सवालों पर पर्याप्त चर्चा संभव नहीं है।

सरकार से जवाब मांगने की तैयारी
सपा का कहना है कि वह राम मंदिर चढ़ावा विवाद, नीट पेपर लीक, युवाओं से जुड़े मुद्दों और अन्य जनहित के विषयों पर सरकार से जवाब मांगेगी। पार्टी का आरोप है कि इन महत्वपूर्ण मामलों पर सदन में व्यापक चर्चा होनी चाहिए, ताकि जनता के सामने सरकार का पक्ष स्पष्ट हो सके।
स्पीकर सतीश महाना ने दिया भरोसा
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने विपक्ष को आश्वस्त किया कि उन्हें नियमों के अनुसार अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी दलों को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन सदन की गरिमा बनाए रखना भी सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह हंगामे के बजाय संसदीय परंपराओं का पालन करते हुए अपने मुद्दे उठाए।
हंगामेदार रहने के आसार
पहले ही दिन के विरोध प्रदर्शन से साफ है कि इस बार का मानसून सत्र राजनीतिक रूप से काफी गर्म रहने वाला है। एक ओर सरकार अनुपूरक बजट और विधायी कार्यों पर जोर देगी, वहीं विपक्ष विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति पर काम करेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में सदन के भीतर तीखी बहस और राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है।
