
पंजाब और चंडीगढ़ में बढ़ती नशे की चुनौती के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान की शुरुआत करते हुए युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए समाज को इस अभियान से जुड़ने की अपील की।
नशे के खिलाफ राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत
केंद्र सरकार ने रविवार को ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत अभियान’ की शुरुआत की। चंडीगढ़ के सेक्टर-18 स्थित टैगोर थिएटर में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से देशभर के युवाओं को संबोधित किया। कार्यक्रम में पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
पंजाब में लंबे समय से नशा एक गंभीर सामाजिक और राजनीतिक मुद्दा रहा है। ऐसे में इस अभियान को राज्य के लिए विशेष महत्व का माना जा रहा है।
विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा जरूरी
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि “नशा मुक्त युवा ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत है।” उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए युवाओं का शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार, समाज और राष्ट्र को कमजोर करता है। यदि कोई युवा नशे की चपेट में आता है तो उसके साथ एक परिवार का सपना भी टूट जाता है।
गुरु ग्रंथ साहिब की शिक्षाओं का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे गुरुओं और संतों ने सदियों पहले ही नशे जैसी बुराइयों से दूर रहने का संदेश दिया था।
उन्होंने कहा कि जिस पदार्थ के सेवन से व्यक्ति का विवेक और सही-गलत की समझ समाप्त हो जाए, वह अंततः उसे पतन की ओर ले जाता है। भारतीय संस्कृति केवल नशे से बचने की शिक्षा ही नहीं देती, बल्कि नशे से बाहर निकलने का मार्ग भी दिखाती है।
युवाओं को अपनाने और जागरूक करने की अपील
प्रधानमंत्री ने कहा कि नशे की गिरफ्त में आए युवाओं से दूरी बनाने के बजाय उन्हें अपनाने, उपचार और परामर्श के जरिए सामान्य जीवन में वापस लाने की आवश्यकता है। उन्होंने अभिभावकों, शिक्षकों, धार्मिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं से इस अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
साथ ही कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में ड्रग्स के दुष्प्रभावों को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया।
समाज की भागीदारी पर जोर
कार्यक्रम के बाद प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी निभा रही है, लेकिन नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई समाज की सक्रिय भागीदारी के बिना संभव नहीं है। उन्होंने सामाजिक, धार्मिक और शैक्षणिक संस्थाओं से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।
उन्होंने खेलो इंडिया अभियान और भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन का भी उल्लेख करते हुए कहा कि खेल युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का मजबूत माध्यम बन सकते हैं।
‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत अभियान’ केवल सरकारी पहल नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का प्रयास है। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट संदेश दिया कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश का युवा नशे से मुक्त, स्वस्थ और आत्मविश्वास से भरपूर होगा।