
उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में भारतीय जनता पार्टी के भीतर बड़ा विवाद सामने आया है, जहां एक पूर्व महिला जिला मंत्री ने पार्टी के जिला अध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला सामने आते ही स्थानीय राजनीति में हलचल मच गई है। पीड़िता का आरोप है कि जिला उपाध्यक्ष पद देने के बदले उन पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला गया। इन आरोपों ने पूरे संगठन में तनाव की स्थिति पैदा कर दी है, जबकि आरोपी नेता ने इसे पूरी तरह साजिश बताया है।
फेसबुक लाइव से खुला मामला, पार्टी के अंदरूनी विवाद उजागर
पूरा विवाद तब सार्वजनिक हुआ जब पीड़िता ने फेसबुक लाइव के जरिए अपनी आपबीती सामने रखी। उनका कहना है कि जिला कार्यकारिणी के गठन के बाद से ही पार्टी में असंतोष बढ़ रहा था, लेकिन हालात तब बिगड़े जब उनके सामने कथित रूप से अनुचित शर्तें रखी गईं। आरोप है कि जिला अध्यक्ष ने उन्हें पद के बदले व्यक्तिगत दबाव में लेने की कोशिश की और अस्वीकार करने पर राजनीतिक और सामाजिक नुकसान की धमकी दी गई। इस लाइव वीडियो के बाद मामला तेजी से वायरल हो गया।

अन्य पदाधिकारियों पर भी लगे गंभीर आरोप, धमकी का दावा
पीड़िता ने केवल जिला अध्यक्ष ही नहीं, बल्कि दो अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों पर भी दबाव बनाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जिला महामंत्री और जिला उपाध्यक्ष ने भी उन्हें प्रस्ताव स्वीकार करने के लिए मजबूर करने की कोशिश की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके पति को झूठे मामलों में फंसाने और जेल भिजवाने की धमकी दी गई, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गईं। इसके बाद उन्होंने एसपी कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई और न्याय की मांग की।
बीजेपी ने आरोपों को नकारा, विपक्ष ने उठाए सवाल
वहीं आरोपी जिला अध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे उनकी छवि खराब करने की साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित हैं। दूसरी ओर विपक्ष ने इस मामले को लेकर सत्ताधारी पार्टी पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं और महिला सुरक्षा तथा संगठनात्मक पारदर्शिता पर बहस तेज हो गई है। वहीं पार्टी के भीतर कुछ नेता खुलकर समर्थन में भी आ गए हैं, जिससे विवाद और गहरा गया है।