कमलेश बिंद एनकाउंटर पर SIT जांच की मांग

गाजीपुर के चर्चित कमलेश बिंद एनकाउंटर मामले ने अब राजनीतिक रंग पकड़ लिया है। निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। इस मुद्दे ने कानून व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुख्यमंत्री से मुलाकात में उठी SIT जांच की मांग
कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर कमलेश बिंद एनकाउंटर मामले की विशेष जांच दल यानी SIT से जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है ताकि सच्चाई सामने आ सके और किसी भी प्रकार के भ्रम को दूर किया जा सके।
निषाद-बिंद समाज की भावनाओं का मुद्दा
संजय निषाद ने मुख्यमंत्री के सामने निषाद और बिंद समाज की भावनाओं को भी रखा। उनका कहना है कि समाज के लोगों में इस घटना को लेकर गहरा असंतोष है। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ कराई जाए और लोगों का विश्वास कायम रखा जाए।
एनकाउंटर पर उठाए गंभीर सवाल
मंत्री ने दावा किया कि होटल व्यवसायी विनीत राय हत्याकांड में कमलेश बिंद मुख्य आरोपी नहीं था। उनके अनुसार यदि किसी व्यक्ति ने अपराध किया है तो उसे कानून के दायरे में सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मामले में अन्य आरोपी भी शामिल थे तो केवल कमलेश बिंद के खिलाफ ऐसी कार्रवाई क्यों हुई।
पुलिस कार्रवाई पर असंतोष
संजय निषाद ने खुलकर कहा कि वह गाजीपुर पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने पुलिस से पूछा कि मुठभेड़ किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे क्या परिस्थितियां थीं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वह न्यायालय का दरवाजा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
दूसरी ओर पुलिस का पक्ष
पुलिस का कहना है कि कमलेश बिंद होटल व्यवसायी विनीत राय की हत्या के मामले में नामजद आरोपी था और उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। वहीं पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने कहा है कि शव के अंतिम संस्कार के दौरान उपद्रव करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत भी कार्रवाई संभव है।
राजनीतिक और सामाजिक असर
यह मामला अब केवल एक पुलिस मुठभेड़ तक सीमित नहीं रह गया है। इसकी गूंज राजनीतिक गलियारों से लेकर सामाजिक संगठनों तक सुनाई दे रही है। आने वाले दिनों में SIT जांच की मांग और पुलिस की कार्रवाई को लेकर बहस और तेज हो सकती है।
कमलेश बिंद एनकाउंटर मामला उत्तर प्रदेश की राजनीति और कानून व्यवस्था दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा बन गया है। एक ओर निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है तो दूसरी ओर पुलिस अपनी कार्रवाई को सही बता रही है। ऐसे में सच्चाई तक पहुंचने के लिए पारदर्शी जांच ही सबसे बड़ा रास्ता साबित हो सकती है।