
सागर जहरीली शराब कांड में पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए 20 हजार रुपये के इनामी आरोपी रवि लखेरा को शॉर्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया है। बरायठा के जंगल में हुई मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी। मामले में अब तक 33 आरोपी बनाए गए हैं, जबकि आधिकारिक तौर पर 16 मौतों की पुष्टि हुई है।
बरायठा के जंगल में पुलिस से हुई मुठभेड़
मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब कांड के बाद पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। मामले के मुख्य आरोपी और 20 हजार रुपये के इनामी अंतरराज्यीय शराब तस्कर रवि लखेरा को पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, बरायठा के जंगल में आरोपी और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान रवि लखेरा के पैर में गोली लगी। इसके बाद उसे बंडा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
CM मोहन यादव ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
घटना को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि सागर की घटना और कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, शराब कांड के मुख्य आरोपी का शॉर्ट एनकाउंटर किया गया है। उन्होंने प्रदेश में नशाखोरी के खिलाफ अभियान चलाने और नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की बात भी कही।

मौतों के आंकड़े को लेकर स्थिति अलग-अलग
जहरीली शराब पीने से सागर में मौतों का आंकड़ा लगातार चर्चा में है। सामने आ रही जानकारी के मुताबिक अब तक 31 लोगों की मौत की खबर है। गुरुवार को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में भर्ती तीन और मरीजों की मौत हुई।
हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक 16 मौतों की ही आधिकारिक पुष्टि की गई है। ऐसे में मृतकों की संख्या को लेकर आधिकारिक आंकड़े और सामने आ रही रिपोर्ट में अंतर बना हुआ है। प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है।
आरोपियों के ठिकानों पर बुलडोजर कार्रवाई
पुलिस कार्रवाई के साथ प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ बुलडोजर एक्शन भी शुरू किया है। गुरुवार को आरोपी बनाए गए मनीष लोधी, करणी सेना के संभागीय अध्यक्ष चंद्रभान सिंह राजपूत और आशीष साहू के पांच मकानों के कथित अवैध हिस्सों को बुलडोजर से ढहा दिया गया।
प्रशासन का कहना है कि अपराध से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। इस कार्रवाई को जहरीली शराब के नेटवर्क पर दबाव बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
33 आरोपी, 18 गिरफ्तार
जहरीली शराब कांड में पुलिस ने कुल 33 लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें मुख्य आरोपी रवि लखेरा समेत 18 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एक आरोपी की मौत हो गई है, जबकि एक अन्य आरोपी अस्पताल में भर्ती है।
फिलहाल 13 आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ शराब की सप्लाई और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
रवि लखेरा पर 25 से ज्यादा मामले
पुलिस के अनुसार रवि लखेरा मूल रूप से छतरपुर जिले के महोबा का रहने वाला है और फिलहाल उत्तर प्रदेश के ललितपुर की गंगापुरम कॉलोनी में रह रहा था। उसके खिलाफ मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में 25 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज होने की बात पुलिस ने कही है।
इनमें अधिकांश मामले आबकारी अधिनियम से जुड़े बताए जा रहे हैं। रवि 2025 में सागर के बहेरिया थाना क्षेत्र में दर्ज आबकारी मामले में भी फरार चल रहा था। कुछ समय पहले ललितपुर पुलिस ने कथित तौर पर उसे अवैध शराब फैक्ट्री के साथ गिरफ्तार किया था।
जहरीली शराब नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि जहरीली शराब तैयार करने और उसकी सप्लाई में कौन-कौन लोग शामिल थे। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ नेटवर्क की पूरी कड़ी सामने आने की उम्मीद है।
वहीं, मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद इस मामले में पुलिस और प्रशासन पर भी तेजी से जांच पूरी करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।