राजा वड़िंग का इस्तीफा, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष की रेस में कौन-कौन?

पंजाब कांग्रेस में विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले बड़ा संगठनात्मक बदलाव सामने आया है। मौजूदा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पद से इस्तीफा देने की पेशकश की है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें पद से हटाने के फैसले की जानकारी दी थी, जिसके बाद वड़िंग ने इस्तीफा सौंपा। नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर पार्टी में मंथन जारी है।
अंदरूनी खींचतान के बीच बदला नेतृत्व
पंजाब कांग्रेस में पिछले कुछ समय से संगठनात्मक मतभेद और गुटीय खींचतान की खबरें सामने आती रही हैं। इसी बीच कांग्रेस हाईकमान ने राज्य संगठन में बदलाव का फैसला किया है।
रिपोर्टों के मुताबिक पंजाब के नए प्रभारी सचिन पायलट ने प्रदेश कांग्रेस के नेताओं और पदाधिकारियों से बातचीत कर संगठन की स्थिति का फीडबैक लिया था। इसके बाद पार्टी नेतृत्व ने प्रदेश अध्यक्ष बदलने की दिशा में कदम बढ़ाया।
राजा वड़िंग ने गुरुवार को इस्तीफे की खबरों पर सीधे तौर पर पुष्टि या खंडन नहीं किया। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह अभी इस मामले पर टिप्पणी नहीं करना चाहते और उचित समय आने पर जानकारी देंगे।

विजय इंदर सिंगला का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में
नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए पूर्व मंत्री और कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य विजय इंदर सिंगला का नाम प्रमुखता से सामने आया है। कई रिपोर्टों में उन्हें संभावित उत्तराधिकारी के रूप में सबसे आगे बताया गया है। सिंगला को जुलाई में कांग्रेस की चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय समिति का अध्यक्ष भी बनाया गया था।
हालांकि सिंगला के नाम पर अभी कांग्रेस की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार सिंगला ने खुद भी प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की अटकलों को लेकर सार्वजनिक तौर पर संयमित रुख रखा है।
कई अन्य नेताओं के नाम भी चर्चा में
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के लिए सिर्फ सिंगला का नाम ही नहीं है। विभिन्न रिपोर्टों में कई वरिष्ठ नेताओं के नाम संभावित दावेदारों के तौर पर सामने आए हैं।
इनमें प्रताप सिंह, राणा केपी सिंह, सुखबिंदर सिंह सरकारिया, सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रगट सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के नाम शामिल हैं। कुछ रिपोर्टों में अमृतसर से सांसद गुरजीत सिंह औजला का नाम भी चर्चा में बताया गया है।
अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में संभावित नामों की सूची में अंतर है, इसलिए अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान की औपचारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
चन्नी और वड़िंग खेमे की खींचतान भी चर्चा में
पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव की पृष्ठभूमि में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और राजा वड़िंग से जुड़े खेमों के बीच लंबे समय से चल रही खींचतान का भी उल्लेख किया जा रहा है।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई में वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष के पद पर बनाए रखने के फैसले के बाद चन्नी समर्थक नेताओं के बीच असहमति सामने आई थी। बाद में राज्य संगठन के कार्यक्रमों को लेकर भी दोनों पक्षों में मतभेद की खबरें आईं।
कांग्रेस अब ऐसे नेता को प्रदेश संगठन की जिम्मेदारी देने पर विचार कर रही है, जो अलग-अलग गुटों के बीच समन्वय कायम कर सके। यह पार्टी की आंतरिक चर्चा का विषय है, न कि अभी घोषित फैसला।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा बदलाव
पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष में बदलाव का फैसला चुनावी तैयारी से ठीक पहले आया है।
राजा वड़िंग ने अप्रैल 2022 में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभाला था। 2024 के लोकसभा चुनाव में वह लुधियाना से सांसद चुने गए। अब उनके इस्तीफे के बाद कांग्रेस को राज्य संगठन के लिए नया नेतृत्व तय करना है।
फिलहाल विजय इंदर सिंगला, प्रगट सिंह, सुखजिंदर सिंह रंधावा, राणा केपी सिंह, सुखबिंदर सिंह सरकारिया और चरणजीत सिंह चन्नी समेत कई नाम चर्चा में हैं। नए अध्यक्ष की औपचारिक घोषणा होने के बाद ही यह साफ होगा कि कांग्रेस की पंजाब इकाई की कमान किसे मिलती है।
