राम मंदिर ट्रस्ट में 3 नए सदस्यों की एंट्री, CEO नियुक्ति पर भी फैसला संभव; जानें क्यों हो रहे बदलाव

अयोध्या के मणिराम छावनी में राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक चल रही है। बैठक में तीन नए सदस्यों के नाम पर मुहर लगने की जानकारी है। इसके साथ ही ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक CEO की नियुक्ति, प्रशासनिक ढांचे में बदलाव और वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करने पर भी चर्चा हो सकती है।
राम मंदिर ट्रस्ट में तीन नए सदस्य
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बुधवार, 2 सितंबर 2026 को अयोध्या में अहम बैठक हो रही है। सूत्रों के मुताबिक बैठक में मदन मोहन पांडेय, महेश भागचंदका और निर्मला यादव को नए ट्रस्ट सदस्य नियुक्त करने पर सहमति बनी है।
इन नियुक्तियों की आधिकारिक घोषणा ट्रस्ट की प्रेस कॉन्फ्रेंस में किए जाने की संभावना है।
कौन हैं नए ट्रस्ट सदस्य?
मदन मोहन पांडेय अयोध्या के रहने वाले हैं और रामलला से जुड़े मामले में पैरवी भी कर चुके हैं। वहीं महेश भागचंदका दिल्ली के निवासी हैं, जबकि निर्मला यादव शिकोहाबाद की रहने वाली हैं।
बैठक में दिनेन्द्र दास, कृष्ण मोहन, कमलनयन दास, अयोध्या के जिलाधिकारी समेत ट्रस्ट के अन्य सदस्य मौजूद हैं। कुछ सदस्य ऑनलाइन माध्यम से बैठक में जुड़े हैं।

CEO की नियुक्ति पर भी हो सकता है फैसला
बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति पर भी फैसला होने की संभावना है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक मंदिर प्रशासन को अधिक व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से CEO का पद सृजित किया गया है।
दान और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े विवाद के बाद ट्रस्ट के आर्थिक मामलों की निगरानी बढ़ाने की जरूरत भी महसूस की गई है। इसी पृष्ठभूमि में CEO की भूमिका को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चंपत राय समेत तीन पदाधिकारियों ने दिया इस्तीफा
राम मंदिर में दान के कथित गबन से जुड़े मामले के बाद ट्रस्ट में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। इस मामले में अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है।
विवाद के बाद ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और एक अन्य पदाधिकारी ने इस्तीफा दिया है। इसके बाद ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में बदलाव की प्रक्रिया तेज हुई है।
ट्रस्ट डीड में संशोधन पर भी चर्चा
बैठक में CEO की शक्तियों और जिम्मेदारियों को स्पष्ट करने के साथ नए प्रशासनिक ढांचे को संस्थागत रूप देने पर चर्चा हो सकती है। इसके लिए ट्रस्ट डीड में जरूरी संशोधन पर भी विचार किए जाने की संभावना है।
इसके अलावा अलग-अलग ट्रस्ट समितियों के बीच बेहतर समन्वय को लेकर भी चर्चा हो सकती है।
वित्त और सुरक्षा व्यवस्था पर भी नजर
बैठक में ट्रस्ट के वित्तीय और प्रशासनिक मामलों के अलावा मंदिर में आने वाले दान से जुड़े मुद्दों पर चर्चा संभावित है। स्थानीय प्रशासन के साथ सुरक्षा व्यवस्था और समन्वय भी एजेंडे का अहम हिस्सा हो सकता है।
राम मंदिर ट्रस्ट में लगातार हो रहे बदलावों का मकसद प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक स्पष्ट और जवाबदेह बनाना बताया जा रहा है। अब सबकी नजर बैठक के आधिकारिक फैसलों और प्रेस कॉन्फ्रेंस में होने वाली घोषणा पर है।
