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लुधियाना में कांग्रेस मंच पर हंगामा, भूपेश बघेल के खिलाफ विरोध

पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई। लुधियाना में आयोजित पार्टी कार्यक्रम के दौरान भूपेश बघेल के विरोध में नारेबाजी हुई, जिसके बाद मंच से नेताओं को हस्तक्षेप करना पड़ा। घटना के बाद पार्टी नेतृत्व ने अनुशासनहीनता पर सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं।

कार्यक्रम के दौरान हुआ विरोध प्रदर्शन

लुधियाना के गुरुनानक देव भवन में आयोजित पंजाब कांग्रेस के कार्यक्रम के दौरान कुछ कार्यकर्ता ‘बघेल गो बैक’ लिखी टी-शर्ट पहनकर पहुंचे। जैसे ही ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, समर्थकों के बीच नारेबाजी शुरू हो गई।

राजा वडिंग ने की संयम की अपील

मंच से अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कार्यकर्ताओं से व्यक्तिगत नेताओं के बजाय कांग्रेस पार्टी के समर्थन में नारे लगाने की अपील की। इसके बाद अलग-अलग नेताओं के समर्थकों ने अपने-अपने पक्ष में नारे लगाए। कार्यक्रम के दौरान माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण बना रहा।

लुधियाना में कांग्रेस मंच पर हंगामा, भूपेश बघेल के खिलाफ विरोध

अनुशासनहीनता पर कार्रवाई की चेतावनी

घटना के बाद भूपेश बघेल ने कहा कि पार्टी अनुशासन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विरोध में शामिल लोगों की पहचान की जाएगी और पार्टी के भीतर अनुशासन बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि संगठनात्मक कार्यों को इस तरह की गतिविधियों से प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।

पहले भी लगे थे विरोध के पोस्टर

इस घटना से पहले श्री मुक्तसर साहिब में भूपेश बघेल के दौरे से पहले ‘भूपेश बघेल वापस जाओ’ लिखे पोस्टर भी लगाए गए थे। कुछ पोस्टरों में पंजाब कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर सवाल उठाए गए थे और पार्टी नेतृत्व में बदलाव की मांग भी की गई थी। यह घटनाक्रम 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच सामने आया है।

चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल

पंजाब कांग्रेस इन दिनों संगठनात्मक बदलाव और चुनावी तैयारियों में जुटी है। ऐसे समय में सार्वजनिक रूप से सामने आई नारेबाजी और विरोध ने पार्टी की आंतरिक एकजुटता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व अनुशासन बनाए रखने और संगठन को एकजुट रखने के लिए आगे क्या कदम उठाता है।

लुधियाना की यह घटना पंजाब कांग्रेस के भीतर मौजूद मतभेदों को उजागर करती है। हालांकि पार्टी नेतृत्व ने अनुशासन बनाए रखने की बात कही है, लेकिन विधानसभा चुनाव से पहले ऐसे घटनाक्रम राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। आने वाले दिनों में पार्टी की कार्रवाई और संगठनात्मक फैसलों पर सभी की नजर रहेगी।

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