
खालिस्तान समर्थक और खडूर साहिब से सांसद बने अमृतपाल सिंह के खिलाफ चल रहे मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में मनप्रीत सिंह नाम के पीड़ित ने अपनी गवाही दर्ज करवाई है। इस गवाही को मामले में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे घटना की परिस्थितियों पर सीधा प्रकाश पड़ता है। हालांकि गवाही अभी पूरी नहीं हो सकी है और अगली सुनवाई की तारीख 20 मई तय की गई है।
2023 के हमले का लगाया गया गंभीर आरोप
पीड़ित मनप्रीत सिंह ने अदालत में बताया कि फरवरी 2023 में अमृतपाल सिंह और उसके साथी अमनदीप सिंह अमना ने मिलकर उस पर धारदार हथियार यानी दातर से हमला किया था। इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। अदालत में दिए गए बयान में पीड़ित ने घटना का पूरा विवरण साझा किया, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। इस गवाही के बाद अभियोजन पक्ष के लिए मामला और मजबूत माना जा रहा है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हो रही पेशी
इस मामले में एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि आरोपी अमृतपाल सिंह वर्तमान में डिब्रूगढ़ जेल में बंद है और उसकी पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जा रही है। अजनाला थाने से जुड़े इस मामले में पहले भी कई गंभीर आरोप सामने आ चुके हैं। अदालत में चल रही कार्यवाही लगातार निगरानी में है और अगली सुनवाई में पीड़ित की गवाही को आगे पूरा किया जाएगा।
अजनाला घटना और NSA कार्रवाई की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि अमृतपाल सिंह पर 22 मई को अपने साथियों के साथ धार्मिक यात्रा की आड़ में अजनाला थाने पर हमला करने का आरोप है। इस घटना में एसपी जुगराज सिंह सहित छह पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इसके बाद पंजाब सरकार ने स्थिति को गंभीर मानते हुए उसके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी NSA लगाया और उसे असम की डिब्रूगढ़ जेल भेज दिया गया। यह मामला अब लगातार राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।