राजनीतिराज्य

रूस में फंसे जालंधर के युवक ने वीडियो जारी कर एजेंट पर लगाए गंभीर आरोप

रूस में नौकरी के बेहतर अवसरों का सपना लेकर गए जालंधर के एक युवक ने सोशल मीडिया पर कई वीडियो साझा कर ट्रैवल एजेंट पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवक का दावा है कि उसे रोजगार का झांसा देकर रूस भेजा गया, जहां पहुंचने के बाद हालात वादों से बिल्कुल अलग निकले। इन दावों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।

वीडियो में बयां की पूरी कहानी

जालंधर के रामनगर निवासी आकाशदीप ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए कई वीडियो में बताया कि वह 15 जून 2026 को दिल्ली से मॉस्को पहुंचा था। उसके अनुसार, एक स्थानीय ट्रैवल एजेंट ने उसे फल तोड़ने की नौकरी, बेहतर वेतन, रहने के लिए एसी कमरा और अच्छी सुविधाओं का वादा किया था। लेकिन रूस पहुंचने के बाद उसे कथित तौर पर अलग परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।

एजेंट पर लगाए गंभीर आरोप

आकाशदीप का आरोप है कि मॉस्को पहुंचने के बाद एजेंट के संपर्क में मौजूद व्यक्ति उसे और अन्य युवकों को शहर से दूर एक सुनसान इलाके में ले गया। युवक के अनुसार, वहां रहने की व्यवस्था बेहद खराब थी और कई लोग एक छोटे कमरे में रहने को मजबूर थे। उसने दावा किया कि एजेंट की ओर से किए गए अधिकांश वादे पूरे नहीं हुए।

रूस में फंसे जालंधर के युवक ने वीडियो जारी कर एजेंट पर लगाए गंभीर आरोप

वीजा को लेकर भी उठाए सवाल

वीडियो में युवक ने यह भी आरोप लगाया कि उसे वर्क वीजा का भरोसा दिलाया गया था, लेकिन रूस पहुंचने पर पता चला कि उसके पास टूरिस्ट वीजा है। उसने दावा किया कि इस संबंध में एजेंट से संपर्क करने पर उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

अन्य युवाओं से की अपील

आकाशदीप ने वीडियो के माध्यम से अन्य युवाओं से अपील की कि वे विदेश में नौकरी के नाम पर किसी भी एजेंट के झांसे में आने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें। उसने यह भी दावा किया कि उसके साथ हरियाणा और राजस्थान के कुछ अन्य युवक भी वहां मौजूद हैं और सभी कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं।

जांच और सत्यापन जरूरी

फिलहाल यह जानकारी युवक के वीडियो और उसके लगाए गए आरोपों पर आधारित है। संबंधित ट्रैवल एजेंट या प्रशासन की ओर से इन दावों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर होने वाली कथित धोखाधड़ी का गंभीर मामला हो सकता है। ऐसे मामलों में विदेश जाने से पहले लाइसेंस प्राप्त एजेंसियों की जांच, वीजा की श्रेणी का सत्यापन और आधिकारिक दस्तावेजों की पुष्टि करना बेहद आवश्यक है।

विदेश में नौकरी का सपना कई युवाओं को आकर्षित करता है, लेकिन जल्दबाजी और बिना सत्यापन के लिए गए फैसले गंभीर परेशानी का कारण बन सकते हैं। जालंधर के युवक के आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी, लेकिन यह मामला युवाओं के लिए सतर्क रहने और केवल प्रमाणित माध्यमों से ही विदेश जाने का महत्वपूर्ण संदेश जरूर देता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button