ED की 200 पन्नों की रिपोर्ट पर प्रताप बाजवा का CM मान पर हमला, बोले- चुप्पी तोड़ें और FIR दर्ज कराएं

पंजाब में भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। ED की हाईकोर्ट में दाखिल करीब 200 पन्नों की रिपोर्ट का हवाला देते हुए विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से जवाब मांगा है। उन्होंने आरोपों पर कार्रवाई और FIR दर्ज कराने की मांग की।
ED रिपोर्ट को लेकर CM मान पर निशाना
पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने ED की रिपोर्ट को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान पर हमला बोला है। बाजवा ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में करीब 200 पन्नों की रिपोर्ट दाखिल की है।
उनके मुताबिक, रिपोर्ट में CMO से जुड़े कुछ लोगों और निजी व्यक्तियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। बाजवा ने मुख्यमंत्री से इस मामले में सार्वजनिक रूप से अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
‘FIR क्यों नहीं हुई?’
प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि अब तक इस मामले में FIR दर्ज क्यों नहीं की गई। उनका कहना है कि यदि FIR दर्ज होती है तो मामले की जांच को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ होगा।
बाजवा के मुताबिक, ED ने अदालत के सामने रिपोर्ट के साथ संबंधित सबूत भी पेश किए हैं। हालांकि, रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

विजिलेंस कार्रवाई पर भी सवाल
बाजवा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के उस कथित बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें ED की कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया गया है।
उन्होंने पलटकर पूछा कि अगर ED की कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध है, तो पंजाब विजिलेंस ब्यूरो द्वारा मौजूदा सरकार के कार्यकाल में गिरफ्तार किए गए नेताओं के खिलाफ कार्रवाई को किस नजरिए से देखा जाना चाहिए।
CMO तक पहुंची जांच की आंच
ED की ओर से हाईकोर्ट में दाखिल रिपोर्ट में भ्रष्टाचार से जुड़े मामले की जांच के दौरान कई आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जांच की आंच मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यालय यानी CMO तक पहुंचने का दावा किया गया है।
रिपोर्ट में मुख्यमंत्री के OSD राजीव घुम्मन का नाम भी आरोपों के संदर्भ में सामने आने की बात कही गई है। इन आरोपों की पुष्टि या अंतिम सत्यापन न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
ED ने अदालत में पेश किए दस्तावेज
ED ने हाईकोर्ट के समक्ष करीब 200 पन्नों की रिपोर्ट के साथ कथित तौर पर कई सबूत भी पेश किए हैं। रिपोर्ट में यह आरोप भी लगाया गया है कि मामले की जांच के दौरान पंजाब पुलिस की ओर से ED को अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।
अब मामले की सुनवाई 3 सितंबर को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में होनी है।
3 सितंबर की सुनवाई पर टिकी नजर
इस मामले में अगली सुनवाई के दौरान अदालत ED की रिपोर्ट और सामने रखे गए तथ्यों पर विचार करेगी। फिलहाल राजनीतिक स्तर पर आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं।
ED की रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों और सरकार की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया के साथ अब 3 सितंबर की हाईकोर्ट सुनवाई इस मामले में अहम पड़ाव साबित हो सकती है।
