
तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। Madras High Court ने All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam के चार विधायकों के इस्तीफे को स्वीकार किए जाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए विधानसभा अध्यक्ष JCD Prabhakar को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है।
29 जून को होगी अगली सुनवाई
मुख्य न्यायाधीश Ramesh Dharmadhikari और जस्टिस G Arul Murugan की पीठ ने विधानसभा सचिव, चुनाव आयोग और चार पूर्व विधायकों को भी नोटिस जारी करने का आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई 29 जून को निर्धारित की गई है।
क्या है पूरा मामला?
याचिकाकर्ता और AIADMK के सचेतक Agri SS Krishnamurthy की ओर से अदालत में कहा गया कि 13 मई को पार्टी के 25 विधायकों ने व्हिप का उल्लंघन करते हुए सत्तारूढ़ Tamilaga Vetri Kazhagam द्वारा पेश विश्वास प्रस्ताव के समर्थन में मतदान किया था।
इसके बाद पार्टी नेतृत्व ने इन विधायकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। 21 विधायकों ने माफी मांग ली, लेकिन चार विधायकों ने इस्तीफा दे दिया।
इस्तीफे की वैधता पर सवाल
याचिका में आरोप लगाया गया कि जब दल-बदल विरोधी कार्रवाई लंबित थी, तब विधानसभा अध्यक्ष ने बिना पर्याप्त जांच के चारों विधायकों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए। याचिकाकर्ता का दावा है कि इस्तीफे के दिन ही ये विधायक TVK में शामिल हो गए, जिससे इस्तीफे की स्वैच्छिकता और वास्तविकता पर सवाल खड़े होते हैं।

याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया कि संविधान के अनुच्छेद 190(3)(बी) के तहत स्पीकर को यह सुनिश्चित करना चाहिए था कि इस्तीफा स्वेच्छा से और बिना किसी दबाव या प्रलोभन के दिया गया हो।
सरकार का पक्ष
तमिलनाडु सरकार की ओर से महाधिवक्ता Vijay Narayan ने अदालत को बताया कि सभी विधायक व्यक्तिगत रूप से विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष उपस्थित हुए थे और उन्होंने स्वेच्छा से अपने इस्तीफे सौंपे थे। इसलिए इस्तीफे को वैध माना गया और स्वीकार किया गया।
राजनीतिक महत्व
यह मामला केवल चार विधायकों के इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि तमिलनाडु की राजनीति में दल-बदल कानून, विधानसभा अध्यक्ष की शक्तियों और राजनीतिक दलों की आंतरिक अनुशासन व्यवस्था से भी जुड़ा हुआ है। 29 जून की सुनवाई पर अब सभी राजनीतिक दलों और कानूनी विशेषज्ञों की नजरें टिकी हुई हैं।
