
भोपाल के चर्चित त्विषा शर्मा मौत मामले में अब बड़ा मोड़ आ गया है। मध्य प्रदेश सरकार की सिफारिश के बाद इस पूरे मामले की जांच अब सीबीआई करेगी। इस फैसले के सामने आते ही पीड़ित परिवार में न्याय की नई उम्मीद जगी है। लंबे समय से परिवार लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा था और अब उन्हें लग रहा है कि सच सामने आ सकता है। इस मामले ने प्रदेश की राजनीति और प्रशासन दोनों को कठघरे में खड़ा कर दिया था। परिवार का आरोप था कि जांच की रफ्तार बेहद धीमी रही और कई अहम सवालों के जवाब अब तक नहीं मिले। अब सीबीआई जांच की घोषणा के बाद पूरे मामले पर देशभर की नजर टिक गई है। लोगों के बीच भी यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर इतने संवेदनशील मामले में अब तक मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी क्यों नहीं हो सकी। सरकार के इस फैसले को लेकर सोशल मीडिया पर भी लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
परिवार ने कहा. बहुत पहले होनी चाहिए थी सीबीआई जांच
त्विषा शर्मा के चाचा लोकेश शर्मा ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम पहले ही उठा लिया जाना चाहिए था। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का धन्यवाद करते हुए कहा कि अब परिवार को उम्मीद है कि न्याय जरूर मिलेगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सबसे बड़ा सवाल अब भी वही है कि मुख्य आरोपी समर्थ सिंह अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर क्यों है। परिवार का मानना है कि अगर समय रहते सख्त कार्रवाई हुई होती तो जांच इतनी लंबी नहीं खिंचती। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में कई ऐसे पहलू हैं जिन्हें अब तक गंभीरता से नहीं देखा गया। परिवार लगातार यह आरोप लगाता रहा है कि प्रभावशाली लोगों की वजह से जांच प्रभावित हुई। यही कारण है कि अब सीबीआई जांच को लेकर लोगों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। परिवार चाहता है कि सिर्फ आरोपी ही नहीं बल्कि उन सभी लोगों की भूमिका भी सामने आए जिन्होंने जांच को कमजोर करने की कोशिश की।

भाई का दर्द. सिस्टम पर उठाए बड़े सवाल
त्विषा शर्मा के भाई आशीष शर्मा ने भावुक बयान देते हुए कहा कि उनका परिवार जीवनभर इस फैसले को याद रखेगा। उन्होंने कहा कि एक टीस हमेशा रहेगी कि आखिर जांच में इतनी देरी क्यों हुई। आशीष ने साफ कहा कि जिस तरह से मामला लंबा खिंचा उससे यह अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है कि प्रभाव और रसूख किस तरह काम करता है। उन्होंने कहा कि सरकार को उन लोगों की भी पहचान करनी चाहिए जिन्होंने अपराधियों की मदद की। उनके मुताबिक यह सिर्फ एक परिवार की लड़ाई नहीं बल्कि पूरे सिस्टम की सच्चाई सामने लाने की लड़ाई है। आशीष ने उन सभी लोगों का धन्यवाद भी किया जिन्होंने पर्दे के पीछे रहकर परिवार की मदद की। उन्होंने कहा कि कई ऐसे लोग थे जिनकी वजह से यह मामला दब नहीं पाया और आज सीबीआई जांच तक पहुंच सका। परिवार का कहना है कि अगर समय पर निष्पक्ष कार्रवाई होती तो शायद इतने सवाल खड़े नहीं होते।
अब पूरे देश की नजर सीबीआई जांच पर
सीबीआई जांच की घोषणा के बाद अब इस मामले में नए खुलासों की उम्मीद बढ़ गई है। लोगों का मानना है कि केंद्रीय एजेंसी की जांच से उन सभी पहलुओं पर काम होगा जो अब तक अधूरे रहे। इस मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था और पुलिस जांच की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिवार लगातार यह मांग कर रहा है कि किसी भी दोषी को बख्शा न जाए चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। वहीं समाज के कई वर्गों ने भी इस मामले को महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था से जोड़कर देखा है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सीबीआई कितनी तेजी से जांच पूरी करती है और क्या मुख्य आरोपी जल्द गिरफ्तार होगा। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह बहस तेज कर दी है कि प्रभावशाली मामलों में जांच एजेंसियों की जवाबदेही कितनी जरूरी है। फिलहाल परिवार को उम्मीद है कि अब देर से ही सही लेकिन इंसाफ जरूर मिलेगा।
