TCS नासिक ब्रांच केस में धर्मांतरण और शोषण के गंभीर आरोप सामने आए

टीसीएस की नासिक ब्रांच से जुड़ा एक मामला इन दिनों गंभीर चर्चा में है, जिसमें धर्म से जुड़ी आपत्तिजनक टिप्पणियों, कथित यौन शोषण और धर्मांतरण जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। यह पूरा मामला फिलहाल जांच के दायरे में है और पुलिस इसकी तह तक जाने की कोशिश कर रही है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, नए खुलासे सामने आने से मामला और संवेदनशील होता जा रहा है।
जांच में सीनियर स्टाफ और HR मैनेजर पर शक
पुलिस सूत्रों के अनुसार शिकायतकर्ताओं ने एक ऐसे नेटवर्क की जानकारी दी है जिसमें कुछ सीनियर स्टाफ और एक HR मैनेजर के शामिल होने का आरोप है। जांच में यह भी सामने आया है कि कथित तौर पर ट्रेनिंग टीम नए कर्मचारियों की व्यक्तिगत जानकारी एकत्र करती थी। इसके आधार पर उन लोगों को टारगेट किया जाता था जो आर्थिक रूप से कमजोर हों या जिनके परिवार में तनाव की स्थिति हो।

ट्रेनिंग सेशन में विवादित गतिविधियों के आरोप
जांच रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रेनिंग सेशन के दौरान हिंदू देवी-देवताओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां किए जाने के आरोप लगे हैं। जब कुछ कर्मचारी इससे आहत हुए तो कथित रूप से HR मैनेजर से जुड़ी एक महिला ने उनसे संपर्क कर भरोसा जीतने की कोशिश की। इसके बाद धीरे-धीरे उनके सोचने, रहने और पहनावे में बदलाव लाने का दबाव बनाने की बात सामने आई है। कुछ मामलों में यह भी दावा किया गया कि प्रभावित लोगों ने अपने पारिवारिक रिश्तों में भी तनाव महसूस किया।
व्हाट्सऐप ग्रुप और अब तक की कार्रवाई
जांच एजेंसियों को यह भी संकेत मिले हैं कि आरोपियों का एक व्हाट्सऐप ग्रुप था, जिसमें ‘टारगेट्स’ को लेकर बातचीत होती थी। सूत्रों के अनुसार इस ग्रुप में कर्मचारियों की पहचान, उनके धार्मिक विचार और कंपनी के भीतर की गतिविधियों पर चर्चा होती थी। अब तक इस मामले में सात लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन और तौसीफ अत्ता शामिल हैं। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।