देश

हिमंता बिस्वा सरमा का ममता बनर्जी पर घुसपैठ को लेकर बड़ा आरोप

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाते हुए राजनीतिक हलचल तेज कर दी। उन्होंने कहा कि जहां असम और त्रिपुरा में बीजेपी सरकारें बांग्लादेश से होने वाली घुसपैठ को रोकने के लिए सख्त कदम उठाती हैं, वहीं पश्चिम बंगाल में स्थिति अलग है। सरमा ने दावा किया कि ममता बनर्जी घुसपैठियों को बढ़ावा देती हैं और राज्य में अवैध प्रवासन पर कोई ठोस नियंत्रण नहीं है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया है।

बंगाल में डेमोग्राफिक बदलाव का लगाया गंभीर आरोप

हिमंता बिस्वा सरमा ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में अवैध प्रवासन के कारण जनसांख्यिकीय बदलाव हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में हिंदू आबादी घट रही है जबकि बांग्लादेशी मुस्लिम आबादी बढ़ रही है। उनके अनुसार यह बदलाव किसी सामान्य जनसंख्या वृद्धि का परिणाम नहीं है बल्कि अवैध घुसपैठ से जुड़ा हुआ मुद्दा है। सरमा ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक संतुलन के लिए गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस मुद्दे पर सख्त कार्रवाई करने के बजाय इसे नजरअंदाज कर रही है।

हिमंता बिस्वा सरमा का ममता बनर्जी पर घुसपैठ को लेकर बड़ा आरोप

बॉर्डर फेंसिंग और सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

असम मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि पश्चिम बंगाल सरकार भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़बंदी यानी फेंसिंग की अनुमति नहीं देती। उनके अनुसार यह स्थिति घुसपैठ को और आसान बनाती है। सरमा ने कहा कि असम और त्रिपुरा में सीमावर्ती सुरक्षा को मजबूत किया गया है और घुसपैठ पर सख्त नियंत्रण रखा गया है। लेकिन बंगाल में स्थिति इसके विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीमा सुरक्षा से जुड़े कई प्रयासों को राज्य सरकार का सहयोग नहीं मिल पाता, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को कठिनाई होती है।

चुनावी माहौल में बयान से बढ़ा राजनीतिक तनाव

यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होंगे जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी। इस बीच सरमा ने दावा किया कि बीजेपी असम में एक बार फिर बड़ी जीत दर्ज करेगी और 126 सदस्यीय विधानसभा में “शतक” लगाएगी। उनके इस बयान को विपक्ष ने चुनावी माहौल में भड़काऊ और राजनीतिक रूप से प्रेरित करार दिया है। वहीं बीजेपी समर्थकों का कहना है कि यह बयान जमीनी सच्चाई को उजागर करता है। चुनावी माहौल में यह विवाद आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button