
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने गुरुवार, 10 अगस्त को पंजाब के लुधियाना में तीन सरकारी स्कूलों का सोशल ऑडिट किया। CJP के सह-संयोजक सौरव दास ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की। टीम ने स्कूलों में पहुंचकर इंफ्रास्ट्रक्चर, सफाई, वॉशरूम और दूसरी बुनियादी सुविधाओं का जायजा लिया।
स्कूल ऑफ एमिनेंस का इंफ्रास्ट्रक्चर पसंद आया
सौरव दास ने लुधियाना के सेक्टर-32 स्थित स्कूल ऑफ एमिनेंस का जिक्र करते हुए कहा कि यहां का इंफ्रास्ट्रक्चर काफी शानदार है। उनके मुताबिक, सरकारी स्कूलों में इस स्तर की सुविधाएं आमतौर पर देखने को नहीं मिलतीं।
हालांकि, उन्होंने वॉशरूम के रखरखाव को और बेहतर किए जाने की जरूरत बताई। यानी स्कूल की इमारत और सुविधाएं अच्छी होने के बावजूद रोजमर्रा की देखभाल में सुधार की गुंजाइश टीम ने महसूस की।
पुराने स्कूलों की तस्वीर भी सामने आई
इसके बाद CJP की टीम सीनियर सेकेंडरी और प्राइमरी स्कूल पहुंची। सौरव दास ने बताया कि इन स्कूलों का इंफ्रास्ट्रक्चर काफी पुराना है। इनमें से एक स्कूल वर्ष 1936 में बनाया गया था।

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने इतने वर्षों तक भवन का रखरखाव किया है और पिछले कुछ सालों में मेंटेनेंस का काम भी हुआ है। हालांकि, उनका मानना है कि बच्चों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने स्विमिंग पूल और खुले खेल मैदान जैसी सुविधाओं की जरूरत पर भी जोर दिया।
सफाई और लड़कियों के वॉशरूम पर सवाल
सोशल ऑडिट के दौरान CJP ने सफाई व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई। सौरव दास के मुताबिक, तीनों स्कूलों में सफाई कर्मचारी काफी कम नजर आए। उन्होंने दावा किया कि सफाई व्यवस्था पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
उन्होंने खास तौर पर लड़कियों के वॉशरूम की स्थिति का उल्लेख किया। उनके अनुसार, कुछ वॉशरूम की हालत खराब थी और कुछ जगहों पर दरवाजे तक नहीं थे। अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो इसका सीधा असर छात्राओं की सुविधा और गरिमा पर पड़ सकता है।
मिड-डे मील कर्मियों के वेतन पर सवाल
CJP नेता ने मिड-डे मील बनाने वाली महिलाओं के वेतन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि इन कर्मियों को महज 3 हजार रुपये दिए जाते हैं। सौरव दास ने सवाल किया कि मौजूदा महंगाई के दौर में इतनी कम राशि में परिवार चलाना कितना मुश्किल होगा।
यह मुद्दा सिर्फ वेतन का नहीं, बल्कि स्कूलों में काम करने वाले सपोर्ट स्टाफ की स्थिति और उनके योगदान को लेकर भी चर्चा खड़ी करता है।
शिक्षा मंत्री से हुई मुलाकात
सोशल ऑडिट के बाद CJP की टीम ने पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस से मुलाकात की। सौरव दास के मुताबिक, टीम ने स्कूलों में सामने आई समस्याओं को मंत्री के सामने रखा।
उन्होंने बताया कि शिक्षा मंत्री ने इन मुद्दों पर काम करने का आश्वासन दिया है। अब निगाह इस बात पर होगी कि निरीक्षण में सामने आई कमियों को दूर करने के लिए जमीन पर कितनी तेजी से कदम उठते हैं।
केजरीवाल बोले- कमियां बताने के लिए धन्यवाद
सौरव दास के वीडियो पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कमियों की ओर ध्यान दिलाने के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि इन मुद्दों पर तुरंत काम किया जाएगा।
सरकारी स्कूलों की असली तस्वीर सिर्फ चमकदार इमारतों से तय नहीं होती। साफ वॉशरूम, पर्याप्त सफाईकर्मी, सम्मानजनक सुविधाएं और बच्चों के लिए बेहतर माहौल ही शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता का पैमाना बनते हैं। अब सोशल ऑडिट में उठे सवालों का जवाब कार्रवाई के रूप में दिखाई देना जरूरी है।