
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने EVM को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जब चुनाव में जीत मिलती है तो मशीन का जश्न मनाया जाता है और जब हार होती है तो उसी पर सवाल उठाए जाते हैं। नायडू के इस बयान के बाद EVM को लेकर चल रही राजनीतिक बहस एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
चंद्रबाबू नायडू ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि आप ही EVM लेकर आए थे और उस समय मशीन ठीक थी। अब चुनाव के नतीजे मन के मुताबिक नहीं आते हैं तो सवाल उठाए जाते हैं। उनके बयान का साफ मतलब यही था कि चुनाव में जीत और हार दोनों को एक ही नजरिए से देखना चाहिए और नतीजे आने के बाद मशीन पर सवाल उठाने की राजनीति नहीं करनी चाहिए।
देश में EVM को लेकर अलग अलग राजनीतिक दलों के बीच पहले भी बहस होती रही है। कुछ विपक्षी नेता चुनाव प्रक्रिया और मशीनों की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ कई नेता चुनाव में जीत मिलने पर इन्हीं मशीनों से आए नतीजों को स्वीकार करते हैं। इसी बात को लेकर राजनीतिक दलों के बीच अक्सर बयानबाजी देखने को मिलती है।
चंद्रबाबू नायडू का यह बयान भी इसी राजनीतिक खींचतान के बीच सामने आया है। उन्होंने कांग्रेस को निशाने पर लेकर यह सवाल खड़ा किया कि चुनाव के नतीजों को लेकर अलग अलग समय पर अलग रुख क्यों अपनाया जाता है। उनके बयान से साफ है कि वह EVM पर सवाल उठाने वाली राजनीति से सहमत नहीं हैं।
हालांकि EVM को लेकर किसी भी तरह के दावे पर चर्चा करते समय चुनाव प्रक्रिया और उससे जुड़े तथ्यों को ध्यान में रखना जरूरी है। मशीनों की विश्वसनीयता और चुनाव में उनके इस्तेमाल को लेकर होने वाली बहस का जवाब तथ्यों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही दिया जाना चाहिए।
फिलहाल चंद्रबाबू नायडू के बयान ने कांग्रेस और EVM को लेकर राजनीतिक चर्चा को फिर हवा दे दी है। अब देखना होगा कि कांग्रेस की तरफ से इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया आती है और यह मुद्दा आने वाले दिनों में कितना तूल पकड़ता है।
