
जम्मू कश्मीर में उमर अब्दुल्ला की कैबिनेट के विस्तार के बाद पार्टी के अंदर नाराजगी की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि मंत्री पद नहीं मिलने से कुछ नेता नाराज हो गए और पार्टी दफ्तर में जमकर हंगामा हुआ। कैबिनेट में जगह मिलने की उम्मीद लगाए बैठे नेताओं को जब मौका नहीं मिला तो उनकी नाराजगी खुलकर सामने आ गई।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपनी सरकार में मंत्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए कैबिनेट का विस्तार किया। इस तरह के फैसलों पर अक्सर पार्टी के कई नेताओं की नजर रहती है। हर किसी को उम्मीद होती है कि उसे सरकार में जिम्मेदारी मिलेगी और वह अपने इलाके के लोगों के लिए काम कर सकेगा। लेकिन जब नाम सामने आते हैं और मनचाही जगह नहीं मिलती तो पार्टी के भीतर नाराजगी भी देखने को मिलती है।
जम्मू कश्मीर में भी कैबिनेट विस्तार के बाद कुछ ऐसा ही माहौल बनता नजर आया। मंत्री पद की उम्मीद लगाए बैठे नेताओं के नाराज होने की बात सामने आई है। इसी नाराजगी के बीच उमर अब्दुल्ला की पार्टी के दफ्तर में हंगामे की खबर ने राजनीतिक हलकों में चर्चा बढ़ा दी है।
अब सवाल यह है कि पार्टी के भीतर उठ रही इस नाराजगी का असर आगे क्या होगा। क्या नेतृत्व नाराज नेताओं को मनाने की कोशिश करेगा या फिर यह मामला आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है। सरकार में जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद रखने वाले नेताओं को साथ लेकर चलना किसी भी पार्टी के लिए अहम होता है क्योंकि अंदरूनी नाराजगी का असर संगठन के कामकाज पर भी पड़ सकता है।
हालांकि उपलब्ध जानकारी में हंगामे में शामिल नेताओं के नाम और पूरे घटनाक्रम का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है। इसलिए इस मामले में किसी नेता की भूमिका या विवाद की वजह को लेकर बिना पुष्टि के कोई दावा करना सही नहीं होगा।
फिलहाल उमर अब्दुल्ला की कैबिनेट के विस्तार के बाद सामने आई नाराजगी जम्मू कश्मीर की राजनीति में चर्चा का विषय बनी हुई है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि पार्टी नेतृत्व इस स्थिति को कैसे संभालता है और नाराज नेताओं को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।
