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बिहार CM आवास को लेकर बड़ा आदेश, 5 देशरत्न मार्ग बनेगा एक अणे का हिस्सा

बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री आवास को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अब पांच देश रत्न मार्ग को खाली नहीं करेंगे और वह एक अणे मार्ग में ही निवास करेंगे। पहले यह चर्चा थी कि वे अपने पुराने आवास को छोड़कर पूरी तरह एक अणे मार्ग में शिफ्ट हो जाएंगे लेकिन नए आदेश के बाद स्थिति बदल गई है। भवन निर्माण विभाग के ताजा निर्देशों ने इस पूरे मामले को स्पष्ट कर दिया है और राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है।

भवन निर्माण विभाग का आधिकारिक आदेश

बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग ने संयुक्त सचिव सह भूसंपदा पदाधिकारी शिव रंजन के माध्यम से एक आधिकारिक पत्र जारी किया है। इस पत्र में स्पष्ट किया गया है कि पांच देश रत्न मार्ग आवास को अब अस्थायी रूप से एक अणे मार्ग आवास का विस्तारित हिस्सा माना जाएगा। इसका मतलब यह है कि दोनों आवासों को मिलाकर मुख्यमंत्री का एक संयुक्त आवासीय परिसर बनाया जाएगा। यह निर्णय पूर्व में जारी आदेशों को संशोधित करते हुए लिया गया है जिससे प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव किया गया है।

बिहार CM आवास को लेकर बड़ा आदेश, 5 देशरत्न मार्ग बनेगा एक अणे का हिस्सा

दोनों आवास एक साथ उपयोग में रहेंगे

आदेश के अनुसार अब एक अणे मार्ग और पांच देश रत्न मार्ग दोनों को एक ही मुख्यमंत्री आवास के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। ये दोनों आवास एक दूसरे से सटे हुए हैं जिससे इन्हें जोड़ना प्रशासनिक रूप से आसान माना जा रहा है। इस निर्णय के बाद सम्राट चौधरी न तो अपने पुराने आवास को पूरी तरह खाली करेंगे और न ही केवल एक अणे मार्ग में रहेंगे। यह व्यवस्था मुख्यमंत्री के लिए एक संयुक्त और विस्तारित आवासीय ढांचा तैयार करती है जो प्रशासनिक सुविधा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राजनीतिक और प्रतीकात्मक चर्चा तेज

इस आवासीय निर्णय को लेकर राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कहा जा रहा है कि सम्राट चौधरी के लिए पांच देश रत्न मार्ग को शुभ माना जा रहा है क्योंकि वे उपमुख्यमंत्री रहते हुए भी इसी आवास में रहे थे और बाद में मुख्यमंत्री बने। इससे पहले इस आवास में तारकिशोर प्रसाद और तेजस्वी यादव जैसे नेता भी रह चुके हैं। हालांकि लंबे समय तक यह पद उनके पास नहीं रहा। अब इस फैसले के बाद यह चर्चा भी तेज है कि मुख्यमंत्री ने किसी भी तरह की पुरानी धारणाओं को दरकिनार करते हुए एक नया प्रशासनिक संदेश दिया है जिसमें स्थिरता और निरंतरता को प्राथमिकता दी गई है।

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