
राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों पर अमित शाह ने तीखा जवाब दिया है। गृह मंत्री ने कांग्रेस की चुनावी हार पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी हर बार ईवीएम और चुनाव आयोग को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकती। यमुना सफाई परियोजना के कार्यक्रम में दिए गए इस बयान ने सियासी बहस को फिर तेज कर दिया है।
वोट चोरी के आरोपों पर अमित शाह का जवाब
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वोट चोरी के आरोपों को लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी सपने देख रहे हैं और अगले 30 साल तक कांग्रेस की सत्ता में वापसी का नंबर नहीं आने वाला। शाह का यह बयान ऐसे समय आया है जब चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बहस जारी है।
यमुना सफाई परियोजना के कार्यक्रम में साधा निशाना
अमित शाह ने यमुना नदी की सफाई के लिए 8,941 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की शुरुआत के दौरान विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल भाजपा पर वोट चोरी के आरोप लगाते हैं जबकि कई राज्यों में कांग्रेस लंबे समय से सत्ता से बाहर है। शाह ने अपने संबोधन में भाजपा की चुनावी सफलता का श्रेय जनता के समर्थन और पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत को दिया।
हार के बाद ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल
गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव हारने के बाद कभी ईवीएम तो कभी मतदाता सूची और चुनाव आयोग पर सवाल उठाती है। उन्होंने कहा कि चुनाव में हार का ठीकरा हर बार चुनावी व्यवस्था पर फोड़ना सही नहीं है। शाह के मुताबिक कांग्रेस को अपनी चुनावी रणनीति और जनता के बीच अपनी स्वीकार्यता पर भी विचार करना चाहिए।

कई राज्यों में कांग्रेस की स्थिति का जिक्र
अमित शाह ने गुजरात राजस्थान मध्य प्रदेश दिल्ली असम और दूसरे राज्यों का जिक्र करते हुए कांग्रेस की चुनावी स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी को लंबे समय से कई राज्यों में सत्ता नहीं मिली है। शाह ने यह भी कहा कि कांग्रेस की चुनावी चुनौतियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केंद्र की सत्ता में आने से पहले भी मौजूद थीं।
घुसपैठियों के वोट को लेकर भी लगाया आरोप
अपने भाषण में अमित शाह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और उनके सहयोगी घुसपैठियों के वोट बचाने के लिए वोट चोरी का मुद्दा उठा रहे हैं। यह भाजपा की ओर से लगाया गया राजनीतिक आरोप है। इस मुद्दे पर कांग्रेस का पक्ष और संबंधित तथ्यों की स्वतंत्र जांच महत्वपूर्ण है ताकि मतदाताओं को पूरी तस्वीर समझने में मदद मिल सके।
सियासी बयानबाजी के बीच जनता के सवाल अहम
अमित शाह के बयान ने भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। एक ओर भाजपा कांग्रेस की चुनावी हार को लेकर सवाल उठा रही है तो दूसरी ओर वोट चोरी के आरोप चुनावी पारदर्शिता पर बहस को सामने लाते हैं। आखिरकार लोकतंत्र में सबसे अहम बात यही है कि चुनावी प्रक्रिया पर जनता का भरोसा बना रहे और राजनीतिक दल अपने दावों को ठोस तथ्यों के साथ सामने रखें।
