
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं के दल बदलने को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इसी बीच बीजेपी की नेता और बदायूं की पूर्व सांसद संघमित्रा मौर्य को लेकर भी कई तरह की बातें सामने आ रही हैं। दावा किया जा रहा था कि वह कांग्रेस या समाजवादी पार्टी में शामिल हो सकती हैं। अब संघमित्रा मौर्य ने खुद इन अटकलों पर अपनी बात रखी है।
संघमित्रा मौर्य के पिता स्वामी प्रसाद मौर्य हाल ही में विपक्षी दलों के नेताओं से मुलाकात कर चुके हैं। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा से भी मुलाकात की थी। इसके बाद से ही संघमित्रा के अगले राजनीतिक कदम को लेकर चर्चा तेज हो गई थी।
इन मुलाकातों के बीच स्वामी प्रसाद मौर्य ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को हो रहे मतदान में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस समेत इंडिया गठबंधन के उम्मीदवारों के समर्थन में वोट करने की अपील भी की थी। इसके बाद लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा कि क्या उनकी बेटी भी बीजेपी छोड़कर किसी दूसरी पार्टी में जा सकती हैं।
संघमित्रा मौर्य ने क्या कहा
कांग्रेस या सपा में शामिल होने की खबरों पर संघमित्रा मौर्य ने साफ कहा कि वह कहीं नहीं जा रही हैं। उन्होंने इन खबरों को खारिज करते हुए कहा कि कोई उन्हें सपा में शामिल करवा रहा है तो कोई कांग्रेस में। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों का प्यार है जो उन्हें चर्चा में बनाए रखता है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं तो उन्होंने कहा कि अभी उन्होंने इस बारे में सोचा नहीं है। फिलहाल वह जहां हैं वहां खुश हैं और अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभा रही हैं।
बीजेपी से पुराना है राजनीतिक रिश्ता
संघमित्रा मौर्य साल 2019 में बीजेपी के टिकट पर बदायूं लोकसभा सीट से सांसद चुनी गई थीं। उस समय उनके पिता स्वामी प्रसाद मौर्य भी बीजेपी में थे। हालांकि 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले स्वामी प्रसाद मौर्य ने योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री पद छोड़ दिया था और समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए थे।
बाद में उन्होंने सपा से भी दूरी बना ली और अपनी अलग राजनीतिक पार्टी बना ली। साल 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने संघमित्रा मौर्य को बदायूं से टिकट नहीं दिया था।
फिलहाल संघमित्रा मौर्य ने कांग्रेस या समाजवादी पार्टी में शामिल होने की खबरों को गलत बताया है। ऐसे में उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर किसी भी तरह की अटकलों पर उनकी ओर से दिए गए बयान को ही आधार माना जाना चाहिए।
